फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नयनादेवी मंदिर: माथा टेकने जा रहे हैं तो इन नियमों का रखें ध्यान

Wed, 09 Sep 2020 04:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर/नयनादेवी
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में साढ़े पांच माह गुरुवार से मंदिर खोले जा रहे हैं। लोग अब देवी-देवताओं के दर्शन कर सकेंगे। भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक मंदिरों में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आने पर रोक है।  श्री नयना देवी जी मंदिर में हर श्रद्धालु का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। एहतियात की जानकारी देने के लिए सभी मंदिर परिसरों में स्पीकर भी लगाए गए हैं। इसमें कोविड की गाइडलाइन के बारे में जागरूक किया जाएगा। श्री नयना देवी जी मंदिर परिसर में सैनिटाइजर, जागरूक बोर्ड सहित अन्य सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं।
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर कोई संदिग्ध पाया गया तो उसे मंदिर परिसर में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इसके साथ श्रद्धालुओं का मूर्तियों को छूना और घंटियों को हाथ लगाना वर्जित रहेगा। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर जरूरी है तभी मंदिरों में आएं। बिलासपुर जिले के मार्कंडेय मंदिर और रुकमणि कुंड में श्रद्धालुओं को स्नान की अनुमति नहीं होगी। बिलासपुर जिले में शक्तिपीठ मां श्री नयना देवी जी, बाबा बालक नाथ और बाबा नाहर सिंह मंदिर खोले जा रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
- फोटो : अमर उजाला
शादी, मुंडन और लंगर पर प्रतिबंध- मंदिरों में शादी, मुंडन और लंगर पर भी आगामी आदेशों तक प्रतिबंध रहेगा। मंदिरों में किसी भी तरह से भजन-कीर्तन सहित नहीं होगा। मंदिर परिसर में बैठने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ मंदिरों में प्रसाद सहित चरणामृत ले जाना मना है। 

4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग सहित सारी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए पुलिस की अहम भूमिका रहेगी। पुलिस के कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग सहित लोगों को कोविड के बारे में जागरूक करेंगे। सीसीटीवी से मंदिर परिसर की पूरी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक स्थलों के लिए ये है एसओपी
- खाली हाथ दर्शन करने ही आ सकेंगे।
- दीवारों, रेलिंग और दूसरे स्थानों को छूने पर रोक
- मंदिर के आकार और प्रवेश को लेकर संख्या होगी निर्धारित
- गर्भगृह में जाने पर पूरी तरह रोक
- भंडारा, प्रसाद और अन्य सामान को ले जाने पर रोक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें