हालांकि बरात को मुहूर्त के हिसाब से आठ बजे प्रात: निश्चित समय पर पहुंचना था, लेकिन गत्ताधार संगड़ाह मार्ग पर भारी बर्फबारी के चलते उन्हे वाया शिलाई, पांवटा साहिब मार्ग चुनना पड़ा। इसमें भी कई जगह पैदल चलना व गाड़ियों को बदलना पड़ा। जो सफर दो घंटे में तय करना था, वह मार्ग बंद होने के कारण लगभग 12 घंटे में पूरा हुआ।