डॉ. मस्त राम शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
वैदिक ज्योतिष अनुसंधान संस्थान शिमला के प्रमुख डॉ. मस्त राम शर्मा के अनुसार वंश परंपरा का विच्छेद न हो, इसलिए श्राद्ध करना आवश्यक माना गया है। पंच तत्व का शरीर स्वर्गारोहण के समय कारण रूप में रह जाता है। क्योंकि स्थूल, सूक्ष्म और कारण नाम से शरीर तीन प्रकार का होता है। प्रत्यक्ष शरीर जड़ और स्थूल है। अगोचर अभिमानी जीव चेतन और सूक्ष्म है जो अन्न, प्राण, मानस, विज्ञान और आनंदमय इन पांच कोषों से बना होता है।