फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्राद्ध पक्ष 2019: विधि पूर्वक पितरों का श्राद्ध करने से दूर होते हैं ये दोष

Fri, 13 Sep 2019 04:26 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्राद्ध पक्ष के 16 दिन पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का समय है। श्राद्ध पक्ष 2019, 14 सितंबर से शुरू हो रहा है। इससे एक दिन पहले 13 सितंबर यानि शुक्रवार को पूर्णिमा का श्राद्ध हुआ। 
विज्ञापन

2 of 7
मान्यता है कि श्राद्ध पितरों के प्रति मन में सम्मान और श्रद्धा का भाव लेकर करने चाहिए। 16 दिन तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष के दौरान लोग पितरों को श्रद्धा अर्पित करेंगे। इसके अतिरिक्त 25 सितंबर को एकसाथ दो श्राद्ध होंगे।
विज्ञापन

3 of 7
तारादेवी मंदिर के मुख्य पुजारी कमलेश शर्मा ने बताया कि 28 सितंबर को श्राद्धों का समापन होगा। राधा कृष्ण गंज मंदिर के पुजारी उमेश नोटियाल ने कहा कि द्वितीय श्राद्ध 15 सितंबर की दोपहर 12:24 बजे से लेकर 16 सितंबर की दोपहर 2:36 बजे तक रहेगा।

4 of 7
बताया कि द्वितीय तिथि बढ़ी हुई है। 25 सितंबर को एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध एक साथ होंगे। 28 सितंबर को सर्व पितृ श्राद्ध किए जाएंगे। इसके बाद 29 सितंबर से नवरात्र शुरू होंगे जोकि 8 अक्तूबर तक होंगे। 
विज्ञापन

5 of 7
dr mast ram - फोटो : अमर उजाला
वैदिक ज्योतिष अनुसंधान संस्थान शिमला के प्रमुख डॉ. मस्त राम शर्मा के अनुसार वंश प्ररूपी धागा को आगे बढ़ाने और पितरों को खुश रखने के लिए श्राद्ध किए जाते हैं। विधि पूर्वक पितरों का श्राद्ध करने से उनका आर्शीवाद मिलता है और घर-परिवार फलता-फूलता है। 
विज्ञापन

6 of 7
श्राद्ध कार्य के तर्पण अपराह्न के बाद किए जाते हैं। वहीं जिन सनातन को पितृ दोष, कुंडली दोष, व्यवसाय में बढ़ोतरी नहीं हो रही है, बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं है वह विधि पूर्वक पितरों का श्राद्ध करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
कब कौन सा श्राद्ध
14 सितंबर 2019 पहला श्राद्ध
15 से 16 सितंबर 2019 तक दूसरा श्राद्ध
17 को तृतीय श्राद्ध
18 को चतुर्थी श्राद्ध
19 को पंचमी श्राद्ध
20 को षष्टी श्राद्ध
21 को सप्तमी श्राद्ध
22 को अष्टमी श्राद्ध
23 को नवमी श्राद्ध
24 को दशमी श्राद्ध
25 को एकादशी और द्वादशी का श्राद्ध
26 को त्रयोदशी श्राद्ध
27 चतुर्दशी श्राद्ध
28 सर्व पितरी श्राद्ध
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें