हिमाचल के जुब्बल में भीषण अग्निकांड का मामला सामने आया है। आग लगने से यहां कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए है। दरअसल जुब्बल तहसील की मांदल पंचायत के पुजारली गांव में वीरवार दोपहर आगजनी की घटना हुई। घटना में सात मकान आग की भेंट चढ़े हैं। हादसे का शुरूआती कारण बिजली का शार्ट सर्कट माना जा रहा है।
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हालांकि आग किसके घर से फैली इसकी पुख्ता जानकारी अभी नहीं है। घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राजस्व विभाग नुकसान का आंकलन करने में जुटा हुआ है। आगजनी की घटना दोपहर करीब सवा दो बजे हुई। उसे अधिकांश ग्रामीण अपने अपने बागीचों व खेतों में काम पर गए हुए थे।
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कुछ ग्रामीण अपने कार्यों से घर से बाहर थे। मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने घरों से अचानक धुंआ उठता देखा। घरों से आग की लपटों को उठता देख ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया। आसपास के ग्रामीण भी बचाव के लिए दोड़कर मौके पर पहुंचे। सभी ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास तो किए। लेकिन देखते ही देखते लकड़ी से बने मकानों में आग तेजी से फैल गई।
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ग्रामीणों ने घरों में रखे अपने सामान को बचाने का भी प्रयास किया। लेकिन आग की लपटे इतनी भयानक थी कि घरों का सामान नहीं बचाया जा सका। पांच बजे तक दस मकान आग में जलकर खाक हो चुके थे। कुछ मकान गांव से दुरी पर थे। जिस कारण आग की लपटे उन मकानों तक नहीं पहुंच सकी।
इनके आशियाने उजड़े
ग्रामीणों ने मिलकर आग को अन्य मकानों में फैलने से रोका। रोशन लाल शर्मा, बिशन लाल, बाल किशन शर्मा, जय किशन शर्मा, सरिता शर्मा, बृज लाल शर्मा, चंद्रमोहन शर्मा, मुकेश शर्मा, चमन शर्मा, हरि लाल शर्मा, नीलम शर्मा, गोपाल शर्मा, प्रकाश शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, ज्ञानी शर्मा और ठाकुर दास शर्माप्रभावित परिवारों को दस दस हजार रुपये फौरी राहत, एक एक कंबल व तिरपाल प्रशासन की ओर से फौरी राहत दी गई है।
एसडीएम रोहड़ू धनश्याम दास शर्मा ने बताया कि छह प्रभावित परिवारों की सूची बन चुकी है। अन्य परिवारों की पंचायत रिकार्ड के अनुसार सूची बनाई जा रही है। आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को मौके पर जाकर फौरी राहत दे दी गई है।