सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग टनल के दोनों छोर जुड़ गए है। इस वर्ष रोहतांग टनल का कार्य युद्धस्तर पर किया जाएगा। रोहतांग टनल के चीफ इंजीनियर एनएम चंद्र राणा ने टनल के दोनों छोर मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
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पत्रकारों से बातचीत में राणा ने बताया कि दोनों छोर जोड़ दिए गए हैं। इस वर्ष रोहतांग टनल का कार्य युद्धस्तर पर किया जाएगा। सर्दियों में लाहौल-स्पीति में आपातकालीन सेवाएं रोहतांग टनल से दिए जाने को लेकर कुल्लू और लाहौल प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी। छोर मिलने के बाद सबसे पहला कार्य एलाइनमेंट का शुरू किया गया है।
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टनल के दोनों छोर जुड़ने के बाद अब एलाइनमेंट, ऑक्सीजन सिस्टम समेत अन्य कार्य शुरू किए जाएंगे। ऑक्सीजन सिस्टम और स्पोर्ट स्ट्रेथनिंग सिस्टम का कार्य करना प्राथमिकता में है, जो 5 दिन के भीतर तैयार हो जाएगा।
इसके पश्चात परियोजना के वाहनों को दोनों छोर पर जाने अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ वर्ष में यह टनल बनकर तैयार होगी तथा जनता को समर्पित की जाएगी।
रोहतांग टनल में अभी तक लगभग 1860 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पूर्ण रूप से टनल को तैयार करने के लिए 4035 करोड़ की राशि स्वीकृत है। टनल तक पहुंचने के लिए 5 स्नो गैलरी बनाई जानी हैं।
इनमें एक बनकर तैयार है। दो पर काम चल रहा है तथा दो अन्य का काम शीघ्र आरंभ किया जाना है। उधर, टनल के दोनों छोर जुड़ने से लाहौल वासियों में खुशी की लहर है।