दूसरी जलेब।
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इसके बाद देव घटोत्कच कोटलू और महर्षि मार्कंडेय सराज, देवी अंबिका, शैटी नाग, मगरू महादेव, चपलांदू नाग, बायला नारायण, लक्ष्मी नारायण, बिठ्ठू नारायण, ब्रह्म देव तुंगासी, महामाया, चुंजुवाला, देवी नाऊ की अंबिका के देव रथ ने जलेब में शिरकत की।