फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडी महाशिवरात्रि: राजदेवता माधोराय की अगुवाई में धूमधाम से निकली दूसरी जलेब, देव ध्वनियों से गूंजी छोटी काशी

Wed, 22 Feb 2023 09:45 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
विज्ञापन
1 of 6
शिवरात्रि महोत्सव की दूसरी जलेब - फोटो : संवाद
मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव की दूसरी जलेब राजदेवता माधोराय की अगुवाई में धूमधाम से निकाली गई। माधोराय की पालकी के साथ देवी-देवताओं के रथों के आगे नाचते-गाते  देवलू और वाद्य यंत्रों की धुनों से मौहाल भक्तिमय हुआ। बुधवार दोपहर 2:30 बजे राजदेवता माधोराय के दरबार से जलेब शुरू हुई। इससे पहले मेला समिति की ओर से उपायुक्त कार्यालय परिसर में मुख्य अतिथि सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर व अन्य अतिथियों को पगड़ी पहनाई गई।

माधोराय की पूजा-अर्चना करने के बाद परंपरा के अनुसार जलेब निकाली गई। देव रथों के साथ झूमते देवलू और वाद्य यंत्रों की धुनों से छोटी काशी भक्तिमय हो उठी। मुख्य संसदीय सचिव  पैदल चल कर जलेब के साथ सेरी बाजार होकर महामृत्युंजय चौक से नए सुकेती पुल, आईटीआई चौक, कॉलेज रोड होते हुए पड्डल मैदान पहुंचे। जलेब में सबसे आगे पुलिस के घुड़ सवार, पुलिस और होमगार्ड बैंड, पुलिस जवान, महिला पुलिस मार्च पास करते हुए चले। जलेब में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
विज्ञापन

2 of 6
मंडी शिवरात्रि। - फोटो : संवाद
इसके बाद देव रथों में सबसे आगे बालीचौकी क्षेत्र के देवता छानणू-छमाहूं के साथ देवलू वाद्य यंत्रों पर नाचते-गाते चले। 
विज्ञापन

3 of 6
दूसरी जलेब। - फोटो : संवाद
इसके बाद देव घटोत्कच कोटलू और महर्षि  मार्कंडेय सराज, देवी अंबिका, शैटी नाग, मगरू महादेव, चपलांदू नाग, बायला नारायण, लक्ष्मी नारायण, बिठ्ठू नारायण, ब्रह्म देव तुंगासी, महामाया, चुंजुवाला, देवी नाऊ की अंबिका के देव रथ ने जलेब में शिरकत की।

4 of 6
जलेब में वाद्ययंत्र। - फोटो : संवाद
इसके बाद राज माधोराय की पालकी और शुकदेव ऋषि शारटी और थट्टा, देव सरीहटू, झाथीवीर, गणपति, टूटीवीर, आदि देवताओं के रथ जलेब में शामिल हुए। दूसरी जलेब देखने के लिए शहर के लोग बड़ी संख्या में सेरी चानणी की पौड़ियों, सेरी मंच, गांधी चौक, इंदिरा बाजार की छत व महामृत्युंजय चौक से कॉलेज रोड़ के दोनों तरफ खड़े रहे।
विज्ञापन

5 of 6
सीपीएस सुंदर ठाकुर व अन्य। - फोटो : संवाद
मंडी सदर क्षेत्र की स्नोर घाटी स्थित नाऊ गांव की माता अंबिका का रियासतकाल से ही मंडी शिवरात्रि महोत्सव में अहम स्थान माना गया है। हर वर्ष माता का रथ अपने देवलुओं व कारदारों सहित शिवरात्रि मेला पहुंच कर राजबेहड़े में अन्य देवी-देवताओं के साथ रात्रि ठहराव करता है। माता के कारदार रोशन लाल शर्मा ने बताया कि माता अंबिका नाऊ का रथ रियासतकाल से ही जलेब में माधोराय से आगे चलती हैं और पड्डल मैदान पहुंच कर पड्डल चानणी में बैठ कर श्रद्घालुओं को दर्शन देती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
जलेब में उमड़े लोग। - फोटो : संवाद
सितंबर में माता के मंदिर में वार्षिक जाग होम का आयोजन किया जाता है। जिसमें प्रदेश व देश भर के श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से नाम लेने पर बीमारी, कोर्ट कचहरी, और असुरी शक्तियों से माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। सदियों पूर्व स्नोर घाटी के राहगढ़ गांव में किसी व्यक्ति को माता का मोहरा(मुखौटा) मिला था। वहीं साथ लगते नाऊ गांव में माता पीडी के रूप में स्वयं प्रकट हुई थीं। जहां आज श्रद्घालुओं की ओर से माता का भव्य मंदिर निर्माण करवाया गया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें