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सावन का पहला सोमवार, देवभूमि में लगे बम-बम भोले के जयकारे

Mon, 16 Jul 2018 05:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सावन माह की संक्रांति के साथ भगवान शिव का प्रिय महीना आरंभ हो गया है। सावन माह की शुरूआत भी इस बार सोमवार को हुई है। भोलेनाथ के दर्शनों के लिए सुबह से ही देवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। इस दौरान देवालय बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे।
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घाटी के आराध्य बिजली महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ऐसी मान्यता है कि सावन माह में भोलेनाथ को जलाभिषेक करने से सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। जिला मुख्यालय स्थित भूतनाथ मंदिर, ढालपुर स्थित शिव मंदिर, पिरड़ी महादेव, ज्वाणी महादेव, बिननी महादेव, कुलक्षेत्र महादेव, सियाली महादेव, बाबा बालकनाथ मंदिर, अंजनी महादेव तथा शमशरी महादेव के देवालय में सुबह से श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
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श्रद्धालुओं ने शिव लिंग पर दूध, जल आदि चढ़ाकर भोले नाथ से सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त किया। जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी की पहाड़ी पर विराजमान बिजली महादेव के दर्शन के लिए रविवार सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। श्रद्धालु घनश्याम, भुनेश्वर, ज्ञान, सोभा राम, राम चंद, रविंद्र कुमार, तिलकराज और गोपीचंद ने कहा कि सावन माह की शुरूआत भी सोमवार से हुई है। पूरे माह शिवालयों में रौनक रहेगी। देवता बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

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श्रावण मास शुरू होते ही पहले सोमवार को भगवान शिव के जयकारों से छोटी काशी के मंदिर गूंजायमान हुए। हिंदू धर्म में श्रावण माह को भगवान शिव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।  इसी आस्था के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। शिव भक्तों ने भगवान शिव के लिए व्रत की शुरुआत की और मनचाहे वरदान के लिए पूजा पाठ शुरू किया।
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शहर के बाबा भूतनाथ मंदिर, रुद्र एकादश, महामृत्युंजय और पंचवक्त आदि मंदिरों में शिव भक्तों का जमावड़ा रहा। सोमवार सुबह कपाट खुलते ही मंदिरों में पूजा पाठ का क्रम शुरू हो गया। देर शाम तक मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। सांस्कृतिक राजधानी के नाम से जानी जाने वाली छोटी काशी में श्रावण मास काफी धूमधाम से मनाया जाता है। पूरे माह मंदिरों में भंडारे और विशेष पूजा अर्चना आयोजित की जाती है।
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सुंदरनगर के भोजपुर स्थित श्री गोपाल मंदिर, महादेव स्थित प्राचीन शिव मंदिर, डोडेश्वर महादेव मंदिर, महामाया मंदिर, बाड़ी कुलवाड़ा में शिव गुफा और आसपास के मंदिरों में श्रावण मास की पूजा के लिए देवालयों में विशेष इंजताम किए गए है। भनवाड़ पंचायत में स्थित श्री सत बाड़ा देव मंदिर में श्रावण माह उत्सव सोमवार को श्रीमद्भागवत सप्ताहिक ज्ञान महायज्ञ के साथ आरंभ हुआ।
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इस मौके पर सुबह 7 बजे कलश यात्रा आयोजित की गई। मंदिर कमेटी के कारदार कर्म सिंह ने बताया सोमवार 16 जुलाई से लेकर शनिवार 21 जुलाई तक रोजाना मंदिर में सुबह 7 बजे से 11 बजे तक मूल पाठ का आयोजन होगा। यह है मान्यता  माना जाता है श्रावण माह में की गई भगवान शिव की पूजा बहुत ही फलदायी होती है और इसका फल बहुत जल्द मिलता है।

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गगरेट (ऊना) के शिवबाड़ी में श्रावण माह की संक्रांति पर भक्तों का सैलाब उपड़ पड़ा। श्रावण माह के शुरू होते ही पहले सोमवार को मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। भक्तों ने शिव पिंडी पर दूध, जल, बिलपत्र, भांग एवं धतूरे अर्पित कर मनोकामनाएं मांगीं। सुबह चार से मंदिर में शिव भक्तों की कतारें लगनी आरंभ हो गई। समूचे शिवबाड़ी क्षेत्र में जय भोले के जयकारों से माहौल शिवमय हो गया। गौरतलब है कि पांच हजार वर्ग मीटर के घने जंगल के बीचों-बीच शिव मंदिर का निर्माण पांडव काल में हुआ था।
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मान्यता है कि यहां गुरु द्रोणाचार्य रहा करते थे। कई रोचक कथाएं भी मंदिर के साथ जुड़ी हुई हैं। शिव भक्तों इंद्रजीत डडवाल, संजीव पराशर, विकास शर्मा, प्रणव शर्मा, अभिषेक डोगरा, उदय, तुषार, अपूर्व, धैर्य, अरविंद शर्मा, सुशील ने कहा कि सावन माह में शिवबाड़ी में भगवान शिव की विशेष पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है। गौरतलब है कि इस बार सोमवार को संक्रांति आने से दूर-दूर से शिवभक्तों का सुबह से ही शिव भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। पूरा दिन शिवबाड़ी परिसर में शिवभक्तों की कतार लगी रहीं और समूचा क्षेत्र बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा।
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