रेस्लिंग में भारत की अगुवाई कर डब्ल्यूडब्लयूई चैंपियनशिप जीतने वाले द ग्रेट खली भले ही कई बडे़ मुकाम हासिल कर चुके हों, मगर उनकी तीन ख्वाहिशें ऐसी हैं जिनके पूरा न होने का खली को हमेशा मलाल रहेगा। खली खुद इनका खुलासा कर चुके हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में..
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ये हैं वो तीन ख्वाहिशें, जिनका खली को हमेशा मलाल रहेगा
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दरअसल खली हिमाचल के सिरमौर जिला से संबंध रखते हैं। मगर उन्हें पंजाब जाकर पुलिस में नौकरी से अपने करिअर की शुरुआत करनी पड़ी।
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खली खुद एक साक्षात्कार में कह चुके हैं कि यदि सरकार मदद करती तो उन्हें पंजाब आकर अपने करिअर की शुरुआत नहीं करनी पड़ती।
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खली बताते हैं कि उनकी ख्वाहिश थी कि हिमाचल सरकार उनकी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें अवसर दें।
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खली की दूसरी ख्वाहिश थी कि वह सबसे पहले हिमाचल के लिए कुछ करें। यहां रेस्लिंग अकादमी से शुरुआत करे।
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लेकिन राज्य सरकार से इसका पूरा सहयोग नहीं मिला। मजबूरन खली को जालधंर से अपनी अकादमी खोलकर नई शुरूआत करनी पड़ी है।
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खली भले ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हों। लेकिन हिमाचल सरकार ने अभी तक खली को सम्मानित नहीं किया है।
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खली की तीसरी ख्वाहिश भी यही है कि भले ही इंटरनेशनल चैंपियनशिप उन्होंने जीत ली हो लेकिन सरकार उन्हें अभी तक सम्मान के लायक नहीं मानती है। सरकार कम से कम उन्हें अपने लोगों के बीच कोई अवॉर्ड तो दें।