शहीद तिलकराज के साथ जमा एक और जमा दो की पढ़ाई में साथ रहे धर्मशाला महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर अजय कुमार ने बताया कि वह स्कूल समय से ही लोकगायन का शौक रखते थे। वह स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक और अन्य प्रतियोगिताओं में अक्सर भाग लेते और जीतते भी थे।