कचरे के ढेर से उठती बदबू ने लोगों को इतना परेशान कर दिया वह इच्छा मृत्यु मांगने को मजबूर हो गए। लोगों की सीधी जंग उस सिस्टम से जिसके आगे वह अरसे से गिड़गिड़ा रहे हैं लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। तीन पंचायतों के लोग अब इतने मजबूर हो गए कि उन्हें इच्छा मृत्यु मांगनी पड़ी। हैरत इस बात की है कि हर साल स्वच्छता अभियान चलते हैं इसके बावजूद लोग सफाई व्यवस्था को लेकर तंग हैं।
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यह मामला है बद्दी में उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए स्थापित सीईटीपी प्लांट और इसके साथ सटे कचरा प्लांट का। यह प्लांट अब सरकार तथा प्रशासन के गले की फांस बनता जा रहा है। प्रशासन, अधिकारियों, नेताओं के आश्वासनों से तंग लोग अब आंदोलन को उग्र रूप देने का मन बना चुके हैं। वीरवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण नालागढ़ में रोष प्रदर्शन भी करने जा रहे हैं।
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यही नहीं वीरवार को लोग एसडीएम नालागढ़ के माध्यम से एक ज्ञापन राष्ट्रपति और राज्यपाल को भी भेजेंगे इसमें इच्छा मृत्यु की मांग की जाएगी। इसी कड़ी के चलते सोमवार को तीन पंचायतों बद्दी, मलपुर और संडोली में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। ग्रामीणों की चार टीमों ने तीनों पंचायतों के गांव भुड्ड निचली, मलपुर निचली, खास खोल मैरा, दासोमाजरा, खास खोल, बेरियां, ब्राह्मण बस्ती, घुमंतू गुज्जर बस्ती, लंडेवाल, कल्याणपुर और शीतलपुर में हस्ताक्षर अभियान चलाया।
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इसमें सीईटीपी और कचरा प्लांट से उठ रही बदबू से दुखी लोगों ने हस्ताक्षर कर सीईटीपी और कचरा प्लांट को बंद करने तथा राष्ट्रपति और राज्यपाल को भेजे जाने वाले इच्छा मृत्यु ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद लोगों ने निचली भुड्ड में बैठक कर प्रदूषण विभाग, सीईटीपी और कचरा प्लांट के खिलाफ नारेबाजी की।