तीन दिन पहले हुई बेटे की मौत के बाद मातम में बैठे माता पिता को ऐसी खबर मिली कि दोनों फूट फूट कर रोने लगे। खबर ऐसी थी जिसे जानकर हर कोई रोने को मजबूर हो गया। आप भी ये खबर सुनकर रो देंगे।
विज्ञापन
2 of 6
हिमाचल के संगड़ाह के कजवां गांव के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। तीन दिन पहले जानवरों को भगाते वक्त चाचा की गलती से चली बंदूक की गोली में 26 साल के पंकज की जान चली गई। पूरा इलाका शोक में डूबा था कि तीन दिन बाद रुलाने वाली खबर आ गई।
विज्ञापन
3 of 6
हिमाचल लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित सहायक प्रोफेसर पद की भर्ती में दिवंगत पंकज का नाम भी उत्तीर्ण हुए उम्मीदवारों की सूची में शामिल था। माता पिता को जैसे ही पता चला कि उनका होनहार बेटा प्रोफेसर बन गया, वे फूट फूट कर रोने लगे। बेटा हमेशा के लिए जा चुका था।
4 of 6
असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए 26 वर्षीय पंकज ने जीतोड़ मेहनत की थी। पंकज की दो फरवरी को मौत हो गई थी। सुबह बंदरों को भगाने के लिए खेत की तरफ जा रहा था कि अचानक चाचा का पांव फिसल गया, जिससे चाचा की दोनाली बंदूक से गोली चल गई। गोली पंकज को लगी, जिस वजह से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
5 of 6
पंकज ने कजवा स्कूल से प्राइमरी की शिक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद जमा दो तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से की। इसके बाद जेएनयू दिल्ली से भूगोलशास्त्र में एमए की। प्रदेश विश्वविद्यालय से एमफिल भी की।
दिवंगत पंकज के पिता कुंबिया राम लोनिवि में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं। बेटे की कामयाबी से पिता का गला भर आया। आंखें आंसुओं से भीग गईं। उन्होंने बताया कि मुश्किलों के दौर में बेटे को पढ़ा-लिखाकर उन्होंने इस मुकाम पर पहुंचाया, लेकिन अब वही इस दुनिया में नहीं है।