स्पीति मुख्यालय काजा के ठीक ऊपर चीन सीमा से सटे बसे कौमिक गांव तक पहुंचने के लिए पहाड़ काटकर बनाए गए मुश्किल रास्ते से सफर करना पड़ता है। वाहनों के खींचने की क्षमता भी घट जाती है। हालांकि एहतियात के तौर पर हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से बचने के लिए प्रशासन ने सैलानियों को फर्स्ट एड बॉक्स साथ ले जाने की विशेष एडवाजरी जारी की है। पिछले दो सालों से कौमिक में रेस्तरां चला रहे दो भाई नावांग और सोनम ने बताया कि रेस्तरां में सैलानियों को क्यू लोकल पास्ता, सेंडविच, थेंथुक के अलावा करीब जड़ी-बूटियों के दस प्रकार पेय उपलब्ध हैं।