इस राज्य में कंप्यूटर या लैपटॉप पर इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल बेहद कम हो रहा है। प्रदेश में कुल 8.4 प्रतिशत घरों में कंप्यूटर या लैपटॉप हैं, जिसमें से महज 2.8 प्रतिशत ही इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। यह अनुपात राष्ट्रीय औसत से भी कम है।
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मोबाइल फोन इस्तेमाल में हिमाचल प्रदेश में उपभोक्ता संख्या राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। हैरानी की बात यह है कि लैंडलाइन फोन का जहां देश में चलन तेजी से घटा है, वहीं हिमाचल में लैंडलाइन इस्तेमाल राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है। सतत विकास के लक्ष्यों के लिए प्रदेश योजना विभाग की जारी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
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प्रदेश सरकार वर्ष 2030 तक प्लानिंग के लिए दस्तावेज तैयार कर रही है। सतत विकास लक्ष्यों में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश में अपार संभावनाएं जताई गई हैं। आईटी के क्षेत्र से अभी प्रदेश के 97 प्रतिशत घरों को अछूता बताया गया है।
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इसका आधार इंटरनेट सेवाओं का कंप्यूटर या लैपटॉप पर इस्तेमाल माना गया है। प्रदेश में कुल 14.7 लाख घरों में कंप्यूटर पर इंटरनेट सेवाएं केवल 2.8 प्रतिशत घरों में हो रही है।
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मौजूदा समय में जिस तरह इंटरनेट पर ई-बैंकिंग, गवर्नेंस, बिलिंग सहित कई सेवाएं संचालित हो रही हैं, उसको देखते हुए आने वाले समय में प्रदेश में आईटी क्षेत्र के लिए बेहतर अवसर है।
दूसरी तरफ मोबाइल फोन इस्तेमाल को लेकर प्रदेश में तेजी से उपभोक्ता बढ़े हैं। राष्ट्रीय औसत 53.2 प्रतिशत परिवारों की है जबकि प्रदेश में यह प्रतिशत 61.5 है। हालांकि, रिपोर्ट में मोबाइल ई सर्विस को इंटरनेट सेवा इस्तेमाल से जोड़कर नहीं देखा गया है।
परिवार (करोड़) कंप्यूटर इंटरनेट मोबाइल लैंडलाइन
राष्ट्रीय 24.66 9.5 3.1 53.2 4.0
हिमाचल प्रदेश 0.14 8.4 2.8 61.5 7.4