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शारदीय नवरात्र: कोरोना पर आस्था भारी, शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु, देखें शानदार तस्वीरें

Sat, 17 Oct 2020 08:58 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
शरद महीने में ठंडी हवाओं के बीच हिमाचल में शनिवार को पावन नवरात्र पर्व का आगाज हो गया। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन देवभूमि की प्रसिद्ध शक्तिपीठों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देश-प्रदेश और विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मैया के दरबार पहुंचे और नतमस्तक होकर सुख-शांति की कामना की। कोई नतमस्तक होकर तो किसी ने पालकी में मंदिर पहुंचकर देवियों के दर्शन किए। 

 
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- फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह से ही भक्त मंदिरों में पहुंच गए। लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मंदिरों में प्रवेश मिला। कोरोना संकट के बीच शनिवार सुबह पांच बजे शक्तिपीठ छिन्नमस्तिका धाम मां चिंतपूर्णी के कपाट खुलते ही श्रद्धालु उमड़ पड़े। कोरोना महामारी के बावजूद करीब 10000 भक्तों ने मां के पिंडी के रूप में दर्शन किए।     
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, जिला कांगड़ा के तीनों शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ आई। ज्वालाजी मंदिर में देर शाम करीब 7 बजे तक 5000 श्रद्धालुओं ने मां की ज्योतियों के दर्शन किए। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी मंदिर में शाम 6 बजे तक 1396 श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। इनमें से 1146 बाहरी राज्यों और 259 स्थानीय लोगों ने मंदिर में माथा टेका। चामुंडा मंदिर में शाम 6 बजे तक 1800 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।

 

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- फोटो : अमर उजाला
उधर, नयना देवी मंदिर में भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मेला नोडल अधिकारी हुस्न चंद ने बताया कि पहले नवरात्र पर पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, चंडीगढ़ और यूके से 6849 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार शीश नवाया। शनिवार को कुल 8021 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार पहुंच कर अपनी मन्नत पूरी की।


 
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- फोटो : अमर उजाला
इनमें कोई घुटनों के बल मां के द्वार पहुंचा तो किसी ने पालकी में मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन किए। शनिवार को मध्यकालीन आरती के समय दोपहर 12 से 12 बजकर 30 मिनट तक नयनादेवी मंदिर बंद रहा। 17 से 25 अक्तूबर तक चलने वाले इन नवरात्रों में मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। 

 
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- फोटो : अमर उजाला
नवरात्र के दौरान चामुंडा मंदिर में तीन पहर की आरती होगी। पहली आरती सुबह 8 बजे, दूसरी शाम 4 बजे और तीसरी आरती शाम 6 बजे होगी। सुबह की आरती में मां को हलवे और चने का भोग लगेगा। दोपहर 12 बजे  खीर, चावल, सब्जियों का भोग और शाम को आरती के उपरांत पूरी और सब्जियों का भोग लगेगा। बज्रेश्वरी मंदिर में आरती सुबह साढ़े छह और शाम सात बजे होगी। आरती में मां को पूरी और चने का भोग लगेगा।
 
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- फोटो : अमर उजाला
चिंतपूर्णी मंदिर में भी कई श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर दंडवत होकर मां के चरणों में पहुंच रहे हैं। मंदिर में सुबह पांच बजे पूजा,आरती, स्नान, भोग और कंजक पूजन होगा। दोपहर 12 से 12:30 बजे माता को भोग लगेगा। सायं 7 बजे पूजाए स्नान, भोग, आरती और कंजक पूजन होगा।  


 

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- फोटो : अमर उजाला
नवरात्र पर हिमाचल पथ परिवहन निगम शक्तिपीठों के लिए ऑन डिमांड बसें चला रहा है।। इसके लिए लोगों को परिवहन निगम की ऑनलाइन साइट पर आवेदन करना होगा। हालांकि, परिवहन निगम ने बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा शुरू की है लेकिन अगर कोई ग्रुप शक्तिपीठों में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए जाना चाहता है तो इसके लिए परिवहन निगम ने बसें आरक्षित रखी हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
शक्तिपीठ           कपाट खुलने/बंद रहने का समय
मां नयनादेवी        रात 12 से 2 बजे ही बंद रहेंगे कपाट
मां चिंतपूर्णी         सुबह पांच से रात 11 बजे तक दर्शन
मां ज्वालाजी         सुबह 6 से रात 10 बजे तक होंगे दर्शन
मां बज्रेश्वरी         सुबह 5 से रात 9:30 बजे तक होंगे दर्शन
मां चामुंडा            सुबह 6 से रात 9 बजे तक होंगे दर्शन
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