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पार्क पर बंदरों ने किया कब्जा, झूले के पास नहीं देते किसी को आने

Tue, 21 Aug 2018 12:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला में पार्क पर बंदरों ने कब्जा कर लिया है। झूले के पास नहीं देते किसी को आने नहीं देते। शहर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। मालरोड, जाखू, बैनमोर, लक्कड़ बाजार, छोटा शिमला और बालूगंज इलाके में अचानक बंदरों की तादाद बढ़ने से लोग परेशान हो गए हैं। आए दिन करीब आधा दर्जन बंदरों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
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नगर निगम जनता को इस मुसीबत से निजात दिलाने में नाकाम साबित हो रहा है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में अचानक बंदरों की संख्या बढ़ गई है। कई एरिया ऐसे भी हैं जहां बंदरों का पूरा झुंड ही आ गया है। इससे सुबह शाम बच्चों और महिलाओं का अकेले चलना मुश्किल हो गया है।
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लोगों का कहना है कि नगर निगम इनसे निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं। वहीं नगर निगम ने हाथ खड़े कर दिए हैं। निगम प्रशासन जनता की शिकायतों के बाद अब वन विभाग को इस बारे में पत्र लिखने जा रहा है। इसमें पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ने की मांग की जाएगी। निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि विभाग को पत्र लिखकर इस समस्या को कम करने की मांग करेंगे।

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शहरवासियों को बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलने की कम ही उम्मीद है। शिकायत करने के बाद वन विभाग बंदरों को पकड़ता तो है लेकिन कुछ देर के लिए। टूटीकंडी सेंटर ले जाकर इन बंदरों की नसबंदी की जाती है। इसके बाद फिर से उन्हें वहीं छोड़ा जाता है, जहां से इन्हें पकड़ा गया हो। आतंक बढ़ने पर बंदरों को मारने, उन्हें पकड़कर दूसरी जगह छोड़ने जैसे कोई प्रावधान नहीं है।
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वन्य प्राणी विभाग का कहना है कि सामान्यता उस क्षेत्र में बंदरों की संख्या बढ़ जाती हैं जहां उन्हें आसानी से खाना मिल रहा हो। कहा कि जिस एरिया में लोग बंदरों को भगाते हैं और खुले में खाना नहीं फेंकते, वहां से बंदर पलायन करने लगते हैं।
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डीएफओ राजेश शर्मा ने कहा कि किसी एरिया में अचानक बंदरों की संख्या बढ़ने का कोई विशेष कारण नहीं होता। हो सकता है, वहां बंदरों को खाना आसानी से मिल रहा हो।
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