हिमाचल के एक स्कूल ने अनोखा रिकॉर्ड कायम कर लिया है। महज एक मिनट के भीतर छात्रों ने ऐसी फुर्ती दिखाई कि देखते ही देखते वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। यहां औद्योगिक नगरी कालाअंब के साथ लगती राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोगीनंद में मंगलवार सुबह 11 बजे ये अद्भुत नजारा देखने को मिला।
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चुनौती थी द गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की। तम्बाकू के खातमे के लिए स्कूली बच्चों ने एक खास अभियान छेड़ा। 81 स्काउट एंड गाइड्ज के सामने इस कार्य को पूरा करने लक्ष्य बड़ा लक्ष्य था।
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यहां स्कूली बच्चों ने कागज के जहाज उड़ाए। स्कूल की तरफ से एक मिनट में 7730 कागज के संदेश वाहक जहाज उड़ाने का दावा किया गया है। संदेशवाहक जहाज में तंबाकू के खिलाफ नारे लिखे थे। स्कूल ग्राउंड में कतारबद्ध स्काउट एंड गाइड्स के छात्र-छात्राओं ने बेहद फुर्ती से जहाज उड़ाए। जैसे ही 11 बजे, स्कूल परिसर में संदेशवाहक जहाज उड़ते नजर आए।
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इस मौके पर गोल्डन बुक्स ऑफ द वल्र्ड रिकॉर्डस के रिकॉर्ड के प्रतिनिधि आलोक गुप्त भी उपस्थित रहे। स्कूल की प्रधानाचार्य विजय चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए छात्रों ने विशेष तैयारी की हुई थी। उन्होंने कहा कि हरेक जहाज पर तंबाकू के खिलाफ नारे लिखे गए थे। इस रिकार्ड को बनाने के लिए छात्रों ने बखूबी अंजाम दिया।
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उधर, गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्डस के भारत के प्रतिनिधि आलोक गुप्त ने बताया कि फिलहाल यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के मारिया इंटरनेशनल स्कूल के नाम दर्ज है। मारिया इंटरनेशनल स्कूल के 356 छात्रों ने 3660 कागज के जहाज उड़ाए थे।
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उन्होंने बताया कि भारत में गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्डस पिछले कुछ सालों से सक्रिय हुई है। उन्होंने बताया कि वह अपने स्तर पर इस बात की तस्दीक नहीं कर सकते कि रिकॉर्ड बना है या नहीं। इसकी रिपोर्ट यूएसए मुख्यालय भेजी जाएगी, जहां से इस बात का फैसला लिया जाएगा कि रिकॉर्ड बना है या नहीं। करीब 15 दिन के भीतर इसकी तस्दीक की जाएगी।
पिछले चार माह से स्कूल में चलाए गए तंबाकू निषेध अभियान का रूप मंगलवार को जहाजों ने ले लिया। इससे पूर्व चले अभियान के तहत कागज पर लिखे गए नारे व उकेरी गईं चित्रकलाओं के जहाज बनाए गए। 81 बच्चों ने 7980 जहाज बनाए। वल्र्ड रिकार्ड बनाते समय छात्रों ने कुल संदेशवाहक जहाजों में से 7730 जहाज उड़ाने में सफलता हासिल की।