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तस्वीरें: करोड़ों में है इस 'रांझे' की कीमत, खाता है इतना कि चौंक जाएंगे

Thu, 11 Aug 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरठीं(बिलासपुर)
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
रांझा, कीमत करोड़ों में। खाता है इतना कि दंग रह जाएंगे। इसे देखने दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंच रहे हैं। पढ़िए इसके बारे में और रोचक जानकारी। पांच करोड़ की कीमत से सुर्खियों में आए हिमाचली 'रांझा' की बोली 1.37 करोड़ तक ही जा सकी जिसके बाद भैंसे के मालिक ने उसे बेचने से मना कर दिया। हालांकि भैंसे की बोली पांच करोड़ से शुरू करने की योजना थी। लेकिन बाद में बोली 52 लाख से शुरू की गई। लेकिन बोली 1.37 करोड़ से आगे नहीं जा सकी। बोली देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। इनपुट: रितेश गुलेरिया
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि हिमाचल के बिलासपुर जिले के बरठीं के साथ में लगती हमीरपुर सीमा में स्थित घोड़ीधबीरी पंचायत के धबीरी गांव में पांच करोड़ की बोली की सूचना आने के बाद हिमाचली 'रांझा' नाम का यह भैंसा सुर्खियों में आया था जिसके बाद शुक्रवार को इसकी बोली लगाई गई जहां बोली 1.37 करोड़ तक पहुंची।
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
रांझा के मालिक साहिब सिंह सोनी का कहना है कि अब छह माह बाद फिर से रांझा की बोली लगाई जाएगी जो बिलासपुर में होगी। अभी रांझा 2 साल 7 माह का है। बोली चार साल तक की उम्र तक लगाई जाएगी। साहिब सिंह सोनी ने करीब आठ साल पहले 87 लाख की कीमत से हरियाणा से एक भैंस खरीदी थी। उसने इस भैंसे को जन्म दिया था। यह भैंसा मुर्रा नस्ल का है।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
रांझा के मालिक का कहना है कि रांझा का खर्च दिन का 1500 से 2000 रूपये है। रांझा एक दिन में आधा किलो देशी घी, पांच किलो चने व सोयाबीन, पांच किलो बिनौले, पांच किलो खल और दस लीटर दूध पी जाता है। रोजाना मालिश के लिए दो किलो तेल की खपत होती है।
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
साल में तीन क्विंटल सेब खा जाता है। रांझा के मालिक साहिब सिंह सोनी ने बताया कि उन्होंने रांझा को शौक के तौर पर पाला है। इसका उदेश्य कोई कारोबार करना नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे भी बोली का आयोजन किया जाता रहेगा।
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
रांझे की बोली बावन लाख से सुरू हुई जिसमें अंत तक परमजीत अमृतसर व सुरेंद्र अमृतसर के बीच चली रही तथा परमजीत सिंह के एक करोड़ सैंतीस लाख तक रूकी। भैंसे के मालिक साहिब सिंह सोनी ने इस भैंसे को इस कम कीमत पर देने से इंकार कर दिया।
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
ये लोग पहुंचे थे बोली में भाग लेने- सुरेंद्र सिंह अमृतसर, साहिब सिंह अमृतसर, परमजीत अमृतसर, सरदार तरलोचन सिंह तरनतारन, रवि कुमार बिलासपुर, शम्मी शर्मा लखनपुर, सरदार सुरेंद्र सिंह अमृतसर, बलविंद्र सिंह, सतपाल सती बिलासपुर, किशोर पटियाल करलोटी तथा रवि कुमार घाघस ने इस बोली में भाग लिया।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ा गौरव का विषय है।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि जहां आज किसान खेती करना छोड़कर नौकरी के लिए दौड़ रहेए हैं वहीं पर उक्त परिवार ने यह साबित कर दिया है कि नौकरी के अतिरिक्त खेती करके तथा पशुओं का पालन पोषण करके भी आजिविका कमाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह विषय आने वाले समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे हमें पशुओं की कद्र करने तथा उनकी देखभाल करने की सीख लेनी चाहिए।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
विश्व की सर्वश्रेष्ठ भैंस नस्ल मुर्रा हमारे देश की एक अनमोल विरासत है और इसका पशुधन में सर्वोच्च स्थान है, जिसके कारण इसे ‘काला सोना’ कहा जाता है। मुर्राह नस्ल की भैंस को लक्ष्मी डेयरी फार्म (पंजाब) की रानी कहा जाता है।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
इस नस्ल की भैंस एक दिन में औसत 30 लीटर दूध देती है। मुर्राह नस्ल की भैंस सबसे ज्यादा हरियाणा के दक्षिणी क्षेत्र में पाई जाती है।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
रोहतक, जींद, हिसार, झज्जर, फतेहाबाद, गुड़गांव। राजधानी दिल्‍ली में भी मुर्राह नस्ल की भैंस पाई जाती है। इस नस्ल की भैंसों का वजन 500 से 600 किलो होता है।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
भारत में भैंसों की 13 नस्लों में से मध्य हरियाणा की मुर्रा भैंसों की मांग सबसे ज्यादा है। इन्हें 'नस्ल सुधारने' वाला माना जाता है और उनका जीन पूल अब फैलकर दक्षिण एशिया, दक्षिण अमेरिका, मेक्सिको और पश्चिम एशियाई देशों में पांव पसार चुका है।

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रांझा - फोटो : अमर उजाला
यह नस्ल खास तौर पर अपनी ज्यादा दूध देने की क्षमता की वजह से मांग में है। भैंस की इस नस्ल की उत्‍पति भारत में ही हुई है।
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रांझा - फोटो : अमर उजाला
भारत से अन्य देशों में भी मुर्राह नस्ल की भैंस सप्‍लाई की जाती है। इन देशों में ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर, इंडोने‌शिया, मलेशिया, नेपाल, बुलगारिया, मिस्‍त्र, वियतनाम, श्रीलंका, वेनेजुएला और फिलीपींस शामिल हैं।
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