मणिकर्ण गुरुद्वारे का कमरा नंबर 286, वही कमरा जहां पंजाब के सात लोगों की मौत हो गई। सभी कार सेवा के बाद आराम करने के लिए इस कमरे में पहुंचे थे। पढ़िए हादसे में घायल भूपेंद्र, लोकराज और मिट्ठु सिंह की जुबानी ये दर्दनाक कहानी..
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कमरा नंबर 286, जहां सात दोस्तों का इंतजार कर रही थी 'मौत'
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तीनों घायल दोस्त बता रहे हैं कि हम तो मणिकर्ण गुरुद्वारा में
माथा टेकने और कार सेवा करने आए थे। अगली सुबह को घर लौट जाना था। सराय
भवन के कमरा नंबर 286 में ठहरे थे। अभी कमरे में पहुंचे 10 मिनट ही हुए थे
कि यह हादसा हो गया।
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कुछ साथियों ने हमारी आंखों के सामने दम तोड़ दिया। कुल्लू अस्पताल में उपचाराधीन भूपेंद्र, लोकराज और मिट्ठू सिंह ने बताया कि वो मंजर उन्हें पूरी उम्र नहीं भूल पाएगा।
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इन युवाओं ने कहा कि वे सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं। एक साथ ही बाइक पर मणिकर्ण आए थे। कभी सोचा नहीं था मौत उनके साथियों का यहां इंतजार कर रही है।
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वे कार सेवा के बाद हादसे से करीब दस मिनट पहले ही आराम करने के
लिए कमरे में आए थे। बीते मंगलवार को मणिकर्ण गुरुद्वारा की सराय पर
भारी-भरकम चट्टान गिरने से सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 लोग घायल
हुए हैं। (कुल्लू पहुंचे मृतकों व घायलों के परिजन)
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वहीं, मणिकर्ण गुरुद्वारा परिसर पर दो और चट्टानें कभी भी गिर सकती हैं। बुधवार सुबह पहाड़ी पर एसएसबी, एनडीआरएफ और राजस्व विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि दो चट्टानें पहाड़ी से खिसक चुकी हैं। ये कभी भी गुरुद्वारा परिसर पर तबाही मचा सकती हैं।
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इस खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुद्वारा परिसर को सील कर
दिया है। खतरे से निपटने के लिए भू वैज्ञानिक भी बुलाए गए हैं। हालांकि
गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं के आने-जाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।
गुरुद्वारे को चट्टानों से कोई खतरा नहीं है।
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उपायुक्त कुल्लू राकेश
कंवर ने बताया कि टीम ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी है। करीब ढाई किलोमीटर
ऊंची पहाड़ी से चट्टानें दरक रही हैं। उन्होंने कहा कि भू वैज्ञानिकों की
टीम को बुला लिया है। जल्द ही दरक रही चट्टानों को हटा दिया जाएगा।
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वहीं, मणिकर्ण गुरुद्वारे की सराय पर मंगलवार को चट्टान गिरने से रोगला गांव के सात नौजवानों की मौत के सदमे से पीड़ित परिवार उबर नहीं पा रहे हैं। दो दिन से गांव में किसी घर का चूल्हा तक नहीं जला है। पीड़ित परिवारों की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
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गांव रोगला से करीब 18 नौजवान चार दिन पहले मोटरसाइकिलों पर मणिकर्ण की यात्रा पर निकले थे। मंगलवार को अचानक दोपहर के समय जिस सराय में वे ठहरे थे, उस पर चट्टान गिर गई। इससे यादविंदर सिंह, लाडी, सोनी राम, गुरदीप सिंह, गोपाल, रघुवीर और काका सिंह की मौत हो गई थी। कइयों के घायल होने की खबर गांव में पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया।
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गांव निवासी कांग्रेसी नेता गोगी चौधरी ने फोन पर बताया कि गांव के लिए यह हादसा बेहद दुखद है। गांव के सात नौजवानों की मौत को सहन कर पाना परिवारों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए असंभव है। कहा कि प्रशासन ग्रामीणों को अपनी तरफ से पूर्ण सहयोग दे रहा है।
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इधर, प्रशासन ने भी जांच पूरी कर ली है। इसमें पाया गया
है कि हादसे के समय सराय भवन में कमरा नंबर 286 में सभी 18 लोग ठहरे थे।
एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर ने बताया कि मलबे को हटा दिया गया है।
गुरुद्वारा परिसर को भी खाली करवा कर सील कर दिया गया है।