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मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव: 181 से अधिक देवी-देवता पहुंचे, देव ध्वनियों से गूंज उठी छोटी काशी, देखें तस्वीरें

Mon, 20 Feb 2023 01:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
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देव ध्वनियों से गूंज उठी छोटी काशी - फोटो : संवाद
सोने-चांदी से सजे देवी-देवताओं के रथ। देव ध्वनियों पर देवी-देवताओं के साथ मदमस्त नाचते-गाते देवलु। चहुं ओर ढोल-नगाड़े, शहनाई, रणसिंघा, घंटी, थाल और करनाल की सुरमयी गूंज। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी में राजदेवता माधोराय की शाही जलेब में देवलोक से इस नजारे की एक झलक पाने के लिए आस्था ऐसी उमड़ी कि छोटी काशी छोटी पड़ गई। माधोराय मंदिर से पड्डल मैदान तक हर तरफ लोग ही लोग दिखाई दिए। छोटी काशी में पांव धरने तक की जगह नहीं बची। जलेब को देखने के लिए भी लोगों को बहुत अधिक जद्दोजहद करनी पड़ी। जलेब देखने के लिए पहले से ही अधिकतर लोग अपने लिए जगह बुक कर चुके थे।

लोगों को जहां पर भी जगह मिली वहीं खड़े हो गए। हजारों लोग मंडी के सेरी मंच पर पहले ही डेरा डाले हुए थे। रास्ते के दोनों ओर लोग जलेब का बेसब्री से इंतजार करते दिखे। जैसे ही जलेब निकली, हर चेहरे पर अनोखी मुस्कान बिखर गई। जलेब का नजारा कैद करने के लिए हर कोई मोबाइल फोन और कैमरा ताने खड़ा रहा। जलेब जब निकली तो एक से बढ़कर एक प्रदर्शनियों ने सबका मन मोह लिया। अलग-अलग जिलों से आए सांस्कृतिक दलों को देखने के लिए हर ओर लोग टकटकी लगाए खड़े थे।
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मंडी में उमड़ी आस्था। - फोटो : संवाद
जलेब का पूरा आनंद उठाने के लिए लोगों को मकानों की छतों, दीवारों और जहां पर भी ऊंचाई वाली जगह दिखाई दी वहां पर खड़े होकर जलेब का शानदार नजारा देखा। कुछ लोग तो जान की परवाह किए बगैर छतों से लटक गए। कुछ ऐसी जगह चढ़ गए जहां से गिरकर वह चोटिल हो सकते थे।

 
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देव ध्वनियों से गूंजी छोटी काशी। - फोटो : संवाद
देवलुओं की नाटी ने किया आकर्षित
शाही जलेब के दौरान देवी-देतवाओं के साथ आए देवलुओं ने जमकर नाटियों डालीं। उनकी नाटियों को देखकर हर कोई बेताब दिखा। कई लोग उनको झूमते हुए देख खुद को रोक नहीं पाए और खुद भी ढोल-नगाड़ों पर नाचने लगे।

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देवी-देवता। - फोटो : संवाद
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ तक छोटी काशी में 181 से अधिक देवी-देवता मंडी में पहुंच चुके हैं। पड्डल मैदान में देव मिलन का भव्य नजारा देखने को मिल रहा है।  अब इस मैदान पर भी देव ध्वनियां पूरा दिन गूंजेंगी। पहले दिन पड्डल मैदान में बनाए देव स्थलों पर 25 देवी-देवताओं ने स्थान ग्रहण कर लिया।
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मंडी शिवरात्री में झूमते लोग। - फोटो : संवाद
उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी दिया। आज सभी देवी-देवता पड्डल मैदान में अपने-अपने स्थानों पर विराजमान हो जाएंगे। कुछ देवी-देवताओं का स्थान प्रभावित होने के बाद प्रशासन और देवता कमेटी द्वारा उनको नए स्थान उपलब्ध करवाए हैं। अब दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु जहां देवी-देवताओं के पास शीश नवाएंगे, वहीं मैदान में सजे मेले का भी लुत्फ उठाएंगे।
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तेंबरेल नृत्य - फोटो : संवाद
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की जलेब के दौरान लाहौल-स्पीति के एक दल की ओर से दी गई तेंबरेल नृत्य की प्रस्तुति ने सबको आकर्षित कर दिया। यह प्रदर्शनी इस महोत्सव में पहली बार आयोजित की गई। इसमें मुखौटे लगाकर और लाहौली वेशभूषा में दल के 18 सदस्यों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उधर, इस दल के प्रमुख एवं वर्तमान में शिक्षक हरिसिंह हंस ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से अपने इस नृत्य को जीवंत करने के लिए प्रयास में लगे हुए हैं और अब तक वह कई मंचों पर इस नृत्य की प्रस्तुति दे चुके हैं।
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फागली नृत्य - फोटो : संवाद
वहीं, सराज घाटी के बालीचौकी से पहुंचे एक दल ने फागली नृत्य से लोगों का ध्यान अपनी ओर किया। इस नृत्य में पारंपरिक अंदाज में घास से बने कपड़ों को पहन और मुखौटे लगाकर नृत्य किया जाता है। सराज में इसको बुरी शक्तियों को भगाने के लिए किया जाता है। यह दल देव कश्यपी दैंत की अगवाई में शिवरात्रि में शिरकत करने पहुंचा है। कारदार ठाकुर दास, पुजारी नेत्र सिंह ने बताया कि नृत्य से बुरी शक्तियों को भगाया जाता है। 
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