फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां भूत मांगता है मिनरल वॉटर नहीं दिया तो.., कंडक्टर की है ये सच्ची कहानी

Fri, 09 Jun 2017 12:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 8
Ghost Of Gata Loops
जो भी इस रोड से गाड़ी लेकर गुजरता है उसे भूत को मिनरल वॉटर की बोतल चढ़ानी पड़ती हैं। यह बिल्कुल सच्ची कहानी है। मनाली-लेह मार्ग पर यह जगह स्थित है।
विज्ञापन

2 of 8
मनाली-लेह मार्ग पर 16616 फीट की ऊंचाई पर स्थित लचुलुंगला के पास 22 मोड़ से गुजरने वाला हर वाहन चालक यहां के भूत मंदिर में पानी की एक बोतल जरूर चढ़ाता है। जो लोग पानी की बोतल नहीं चढ़ाते, उनके साथ अनहोनी हो जाती है। ऐसा हम नहीं गांव के लोग बताते हैं।
विज्ञापन

3 of 8
इस जगह पर एक युवक की आत्मा दिन रात भटकती रहती है। यह आने जाने वाले हर वाहन चालक से बस पानी मांगती है। ऐसे दर्जनों लोग हैं जो इस आवाज को सुन भी चुके हैं। बिना पानी की बोतल चढ़ाए कोई यहां से आगे नहीं बढ़ता। लोग कहते हैं भूत इस मंदिर में मिनरल वाटर पीता है।

4 of 8
बताया जाता है कि आठ वर्ष पहले एक ड्राइवर-कंडक्टर ट्रक लेकर लेह जा रहे थे। सरचू से तकरीबन 35 किलोमीटर लचुलुंगला के पास 22 मोड़ में वाहन गिर गया। कंडक्टर उसकी चपेट में आ गया।
विज्ञापन

5 of 8
उधर, ड्राइवर घायल कंडक्टर को छोड़कर भाग गया। वहीं, कुछ लोग बताते हैं कि यह ड्राइवर दूर गांव में मदद के लिए गया मगर वापस लौटते काफी देर हो गई। उसी रात वहां से गुजर रहे एक अन्य ड्राइवर ने घायल कंडक्टर को देखा तो वह पानी के लिए चिल्ला रहा था।
विज्ञापन

6 of 8
जब तक वह पानी लाता उसकी मौत हो चुकी थी। बिना खाना पानी के उसे दर्दनाक मौत मिली थी। इसके बाद ही उसकी आत्मा यहां भटकने लगी। यहां से गुजरने वाले हर ड्राइवर-कंडक्टर को उसकी रूह का आभास होता और पानी-पानी चिल्लाने की आवाज सुनाई देती है।
विज्ञापन

7 of 8
बताया जाता है कि कंडक्टर की लाश को यहीं पर दफना दिया था। इसके बाद ही यहां अचानक डरावनी घटनाएं घटने लगी। आते जाते ड्राइवरों को एक लड़के की आत्मा डराने लगी। यह लड़का भी लोगों को दिखने लगा था। यह आते जाते ड्राइवरों से खाने के लिए सामान मांगता था। जो लोग उसे यह नहीं देते थे वह किसी न किसी हादसे का शिकार होने लगे। बाद में यहां पर मंदिर बना लिया गया।
विज्ञापन

8 of 8
Ghost Of Gata Loops
लाहौल के वयोवृद्ध इतिहासकार छेरिंग दोरजे ने बताया कि यह बात दस साल पहले की है। ट्रक ड्राइवर सुरेंद्र कुमार, राजू राम, नंद किशोर और भागसेन ने बताया कि उस मार्ग से गुजरते समय ड्राइवर-कंडक्टर वहां आत्मा के लिए पानी की बोतल छोड़ते हैं। एसआरटीसी केलांग डिपो के चालक रमेश लाल ने बताया कि कई ड्राइवर उन्हें बता चुके हैं उन्होंने उस आत्मा की चीख सुनी है जो पानी मांगती है। डर से ही सही यहां ड्राइवर पानी की बोतलें छोड़ते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें