आधुनिकता के दौर में दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र वाले मलाणा गांव का आज भी अपना ही कानून है। समूचे हिमाचल प्रदेश समेत देश-विदेश में जहां कोरोना महामारी से हाहाकार मचा हुआ है, वहीं कुल्लू जिले के इस गांव को आज तक कोरोना महामारी छू भी नहीं पाई। कोरोना काल के अब तक के 15 माह में इस गांव में एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया। यह इसलिए मुमकिन हुआ है, क्योंकि पूरे कोरोना काल में यहां के बाशिंदों ने बाहरी लोगों और पर्यटकों पर इस गांव में आने पर रोक लगा रखी है। 2350 आबादी वाले इस गांव में देवता जमलू (जमदग्नि ऋषि) का कानून चलता है। गूर के माध्यम से जो देवता जमलू आदेश देते हैं, उसी को माना जाता है। यहां के बाशिंदे खुद को सिकंदर का वंशज मानते हैं। मलाणा गांव के लिए एचआरटीसी की एकमात्र बस सेवा है। कोरोना के चलते वह भी एक साल बाद इसी वर्ष अप्रैल में चली थी, लेकिन अब यह बस फिर से बंद है।