इस अग्निकांड में 17 परिवारों के सिर से छत छिन गई। केशव राम के 2 कमरे, हुक्म राम का एक, बेली राम के 2, भोगा राम के 3, राजेंद्र पाल के 3, बृज लाल के 2, राम लाल का 1, दिवेश का 1, श्याम के 2, नरमा देवी के 2, सीता देवी का 1, ताबे राम के 2, टेक सिंह के 2, शेर सिंह के 2 और यशपाल के भी 2 कमरे राख हुए हैं। हुक्म राम, भोगा राम और बेली राम की गौशालाएं भी आग की भेंट चढ़ गईं।