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खुलासा: नोटबंदी नहीं, अब ये हैं कैश न मिलने के 3 असली कारण

Wed, 14 Dec 2016 09:06 AM IST
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला
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बैंकों और एटीएम में पर्याप्त पैसा न मिलने से लोग परेशान हैं। मगर बैंकों ने जो दावा किया है वह चौंकाने वाला है। असल में कैश न मिलने के पीछे नोटबंदी नहीं बल्कि ये 3 कारण है। आइए जानते हैं आखिर किस कारण आम पब्लिक को पर्याप्त पैसा नहीं मिल पा रहा है-
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बैंकों ने कैश न होने के पीछे 3 बड़े कारण गिनाए हैं। पहला तो ये कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद नई करेंसी पूरी तरह अभी बाजार में नहीं आई है। सीमित करेंसी के चलते बैंकों और एटीएम में पैसा निकलवाने वालों की भीड़ जुट रही है।
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दूसरा ये कि नोट जमा करने की लोगों की आदत कैशलेस व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। बैंकों से जितना पैसा इन दिनों निकाला जा रहा है, उस तर्ज पर वापस बैंकों में जमा नहीं हो रहा। लोग घरों में पैसे का स्टॉक रखने में जुटे हैं।

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पहली दिसंबर को कर्मचारियों को मासिक वेतन मिला है। महीने के लिए खर्च के लिए कर्मचारियों ने बैंकों से पैसा निकालकर पेमेंट की है। बार-बार बैंक जाने से बचने को पैसा घरों में भी रखा है।
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लोगों की कैश रखने की मानसिकता ने बैंकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बैंक पैसा देने में असमर्थता दिखा रहे हैं। पब्लिक परेशान है। बैंकों में पैसा जमा होता है और निकाला जाता है। इस तरह नोट सरकुलेशन में रहते हैं, लेकिन नोटबंदी के घबराए लोग अब बैंक से पैसा निकाल तो रहे हैं, लेकिन जमा नहीं कर रहे।
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तीसरा कारण,अहम बात ये है कि नोटबंदी के बाद से कारोबारी भी रोजाना कैश बैंकों में जमा करवाने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है उन्हें रोजाना पेमेंट करनी पड़ती है। नकद ही पेमेंट की प्रथा अभी भी पहले की तरह चल रही है। कैशलेस व्यवस्था अपनाने में अभी वक्त लगेगा। शिमला के एक होल सेलर का कहना है कि इन दिनों बैंकों में जाना समय की बर्बादी है। नोटबंदी से पहले आमतौर पर हर घर में महीने भर के खर्च के लिए लोग पैसा जमा करते आए हैं। बार-बार बैंकों के चक्कर काटने से बचने को अधिकांश परिवार इसी व्यवस्था पर बरसों से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। अब नोटबंदी से बैंकों से पैसा निकालने की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। ऐसे में लोग दो-तीन बैंकों और एटीएम से पैसा निकालकर घरों में रख रहे हैं। लोगों की इस आदत से पैसा सर्कुलेशन में नहीं घूम रहा है।
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अधिकांश लोगों डाकघरों में ने विभिन्न लघु बचत योजनाओं में खाते खोले हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह में इन खातों में भारी संख्या में लोगों ने पैसा जमा करवाया है। ऐसे में डाकघरों में इन दिनों करेंसी की अधिक दिक्कत नहीं है। लोगों से खातों में जमा किए जा रहे पैसों को निकासी के लिए आ रहे लोगों को देकर काम चलाया जा रहा है।
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यूको बैंक के उप महाप्रबंधक विवेक कौल का कहना है कि लोग बैंकों से धनराशि निकालकर उसे घरों में जमा न करें। पैसा सरकुलेशन में रहना चाहिए। लोग जरूरत के हिसाब से ही पैसा अपने पास रखें। बैंकों में जमा राशि पर ब्याज मिलता है, धनराशि सुरक्षित भी रहती है। सरकार ने पैसा खर्च करने के लिए नकदी की जगह कई विकल्प दिए हैं। राजधानी शिमला स्थित एक निजी बैंक के मैनेजर ने बताया कि लोग बैंकों से पैसे निकाल रहे हैं, लेकिन यह वापस नहीं आ रहा है। इस वजह से करेंसी की दिक्कत हो रही है।
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