फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्वाले को गाय ने करवाए थे शिवलिंग के दर्शन, भूतनाथ मंदिर के महंत ने किया दावा

Mon, 25 Feb 2019 12:25 PM IST
ashok chauhan नीलम मेहता, अमर उजाला, मंडी
विज्ञापन
1 of 6
बाबा भूतनाथ के स्वयंभू शिवलिंग पर सोमवार को गाय माता का स्वरूप उकेरा जाएगा। यह वही गाय माता है, जिन्होंने ग्वाले को यहां पर शिवलिंग के दर्शन करवाए थे औैर यहां पर राजा अजबर सेन ने बाबा भूतनाथ का भव्य मंदिर बनवाया था। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
 इस स्वरूप को शिवलिंग पर उकेरने के महत्व को लेकर एक कहानी प्रचलित है। मान्यता है कि प्राचीन काल में स्वयंभू शिवलिंग पर एक गाय हर रोज दूध दिया करती थी, लेकिन इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। एक दिन जब गाय ने दूध नहीं दिया तो मालिक को शक पड़ गया कि कोई गाय का दूध निकाल लेता है। 
विज्ञापन

3 of 6
इस पर गाय का मालिक पुरानी मंडी से ब्यास लांघकर गाय के पीछे-पीछे आया। इस दौरान उसने देखा कि गाय एक स्थान पर खड़ी होकर दूध की धार बहा रही है। उसने देखा कि जिस स्थान पर वह दूध की धारा बहा रही थी, वहां पर एक प्राचीन शिवलिंग था। उसने इस बात की जानकारी राजा अजबर सेन को दी।

4 of 6
गाय माता की इस आस्था और शिवलिंग की महता को जानने के बाद राजा अजबर सेन ने इस स्थान पर 1527 ईस्वी में बाबा भूतनाथ के मंदिर का निर्माण करवाया। उस समय इस मंदिर में राजघराने के लोगों द्वारा ही पूजा-अर्चना की जाती थी। 
विज्ञापन

5 of 6
उसी समय से शिवलिंग पर मुहूर्त के अनुसार शिवरात्रि से एक माह पूर्व मक्खन चढ़ाने की भी परंपरा शुरू हुई है और आज भी कायम है। उधर, मंदिर महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि सोमवार को स्वयंभू शिवलिंग पर मक्खन से गोमाता का स्वरूप उकेरा जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
परंपरा के अनुसार रविवार को बाबा भूतनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर भगवान जगन्नाथ का मक्खन से स्वरूप बनाया गया। महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि भगवान जगन्नाथपुरी उड़ीसा में है। जब चार धाम की यात्रा होती है तो एक धाम जगन्नाथ पूरी का होता है। जगन्नाथ भगवान कृष्ण और विष्णु के रूप को समर्पित है। मंडी जिला के पड्डल मैदान में भी भगवान जगन्नाथ का प्राचीन मंदिर है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें