महाशिवरात्रि पर हिमाचल के देवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। शिमला में सुबह मंदिरों के कपाट खुलते ही भोले के दर्शनों के लिए भक्तों की कतारें लगना शुरू हो गईं।
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शिमला के मिडल बाजार स्थित शिव मंदिर और लिफ्ट के पास शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही। स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों ने भी शिवालयों में जाकर दूध और शक्कर का अभिषेक किया। शहर के मंदिरों को विशेषकर फूल और बेल पत्र की मालाओं से सजाया गया था।
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कुल्लू के मंदिरों में भी सुबह से ही भक्त पूजा-पाठ करते नजर आए। वहीं, शिमला के संकटमोचन के पुजारी पंडित कीर्तिवासन ने बताया कि शिव मंदिर में सुबह दस बजे महाअभिषेक किया गया। साढ़े दस बजे महाआरती हुई।
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शेरे पंजाब, बड़ा गांव मंदिर में भांग के पकौड़े और दूध का घोटा बनाकर लोगों को पिलाया गया। इसके अलावा लोगों को भंडारा भी दिया गया। ऊना के शिव मंदिरों में भी भीड़ देखने को मिली। मंदिरों के बाहर लोगों ने बेल पत्र और फलों की माला शिव का अर्पित की।
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सोलन स्थित शिवमंदिरों में भी सुबह से ही लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई। यहां देर शाम तक लोग भोलेनाथ की पूजा के लिए पहुंचते रहे।
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मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा, कूल्लू, सिरमौर के सभी बड़े शिवमंदिरों में भगवान शिव के भजनों के बीच लोगों ने पूजा अर्चना की।
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सोलन जिला के सलोगड़ा में लोगों ने जमकर घोटा पिया। यहां इसके लिए पहले से ही इंतजाम किए गए थे।