फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साल का जश्न तो मनाओ, मगर इस ‘फौज’ को भी संभालो सरकार

Sun, 23 Dec 2018 11:07 AM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 5
अपनी सरकार की एक साल की उपलब्धियों का जश्न तो जरूर मनाओ, मगर  बेरोजगारों की इस ‘फौज’ को भी संभालो। हिमाचल सचिवालय में सरकारी झाडू़ लगाने की इच्छा से हजारों युवा कतार में लगे दिखते हैं। वे स्वीपर बनने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इनमें से कोई अच्छे नंबरों से एमए पास है तो किसी ने ग्रेजुएशन कर रखी है। हिमाचल में बेरोजगारी की असल तस्वीर देखनी है तो यहीं नजर आती है। उधर, तमाम पिछली सरकारों की तरह 27 दिसंबर को जयराम सरकार भी एक साल के सफल कार्यकाल को धूमधाम से मना रही है।
विज्ञापन

2 of 5
धर्मशाला में आयोजित इस खास समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। सचिवालय में स्वीपर के 10 पदों के लिए करीब 4500 आवेदन किए गए हैं। यानी एक सीट के लिए 450 उम्मीदवार हैं। बेशक अब क्लास फोर कर्मचारियों के इंटरव्यू नहीं लिए जाते हैं। इसके बावजूद सचिवालय प्रशासन की ओर से सफाई कर्मियों के 10 पद भरने के लिए 20 दिसंबर से आवेदकों के दस्तावेज चेक किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
यह सिलसिला 30 दिसंबर तक चलेगा। इस स्क्रूटिनी में रोजाना सैकड़ों आवेदक पहुंच रहे हैं। ये उम्मीद में हैं कि जरूर स्वीपर बन जाएंगे। ज्यादातर को आशंका भी है कि पता नहीं किसके लिए ये पद निकले होंगे यानी न जाने किसकी किस्मत खुलती है। कुछ सचिवालय की नौकरी के लाभ भी गिनाते हैं। एक तो यहां से तबादला कहीं बाहर नहीं होता है। दूसरा कुछ साल क्लर्क की प्रमोशन भी हो ही जाती है।

4 of 5
नौकरी की आस में यहां ओरिजनल दस्तावेजों के साथ आए सोलन में बसे वीर बहादुर का कहना है कि उन्होंने अंग्रेजी में 55 प्रतिशत अंकों के साथ एमए कर रखा है। छोटा शिमला के अरुण कुमार, रामपुर के आनंद कुमार, मशोबरा की भारती आदि ने बीए किया है। ज्यादातर ने कहा कि स्वीपर की ही सही, ये सरकारी नौकरी मिल जाए, तो उनका जीवन संवर जाएगा। आज नौकरी पाने को हर जगह ऐसी ही भीड़ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हिमाचल के रोजगार केंद्रों में नौकरी पाने के लिए 8 लाख 34 हजार नाम दर्ज हैं, पर रोजगार विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि ये असल बेरोजगार नहीं हैं। इनमें से बहुत से लोग सरकारी या निजी नौकरी कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें