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हिमाचल पहुंचे क्रिकेट के भगवान, एक झलक पाने को बेताब दिखे प्रशंसक

Sat, 22 Dec 2018 03:11 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले पूर्व क्रिकेटर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बच्चों और युवाओं को सफलता का मंत्र दिया। ऊना जिले के गगरेट में ल्यूमिनस उद्योग की ओर से गोद लिए स्कूल की स्मार्ट क्लासेस का उद्घाटन करने पहुंचे भारत रत्न सचिन ने कहा ‘खेलकूद के साथ पढ़ाई भी जरूरी है।
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बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए और नशे से दूरी बनानी होगी।’हिमाचल में ड्रग्स के फैलते जाल पर चिंता व्यक्त करते हुए लिटिल मास्टर ने कहा कि उनके सुनने में आया है कि यहां के लड़के और लड़कियां भी ड्रग्स का सेवन कर रही हैं। हिमाचल के लोग बहुत अच्छे हैं। 
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वह अपील करना चाहते हैं कि यहां सभी नशे से दूर रहें। सचिन ने बच्चों से कहा कि आप सभी को गैजेट्स मिले हैं। इनका सदुपयोग कीजिए। तभी आपके सपने साकार होंगे। शरारतें जीवन में जरूरी हैं, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है पढ़ाई।

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मेहनत करें और अपनी एनर्जी उस कार्य में लगाएं, जिसमें मन लगता है। उसे जुनून की तरह करने से जीवन में सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। इससे पूर्व गगरेट में सचिन को अचानक अपने बीच देख लोग हैरत में पड़ गए। सचिन को देखने के लिए भीड़ जुट गई। बाद में उन्होंने ल्यूमिनस उद्योग की ओर से गोद लिए स्कूल में स्मार्ट क्लासेस के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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उन्होंने इस मौके पर स्कूली बच्चों के साथ फोटो खिंचवाए और अपने बचपन के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर एसडीएम अंब सुनील वर्मा, डीएसपी अंब मनोज जंवाल, डीएसपी हरोली कुलविंद्र, डाइट प्रिंसिपल शिक्षा विभाग ऊना के अलावा ल्यूमिनस ग्रुप के एमडी विपुल गोयल, एचआर हेड आरती शर्मा, ल्यूमिनस प्रबंधक अजय भारद्वाज, ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट अरुण राघव मौजूद थे। 
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सचिन ने बच्चों के साथ बचपन से लेकर विश्व कप जीतने तक के सफर की यादें साझा कीं। सचिन ने कहा कि भारत ने जब पहला वर्ल्ड कप जीता था तो वे महज दस साल के थे। उसी समय अपना लक्ष्य बना लिया था कि मुझे भारत के लिए खेलना है।
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सचिन बोले ‘बचपन से ही मैं बहुत शरारती था, रोज घर में शिकायतें आती थीं। कभी किसी का कांच टूट गया तो कभी किसी और का नुकसान हो गया, लेकिन मैंने खुद को लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। एक शरारती बच्चा तब एक जिम्मेवार इंसान बन गया जब मैंने वर्ल्ड कप जीतने का सपना देखा। इसके लिए कड़ी मेहनत कर अपना लक्ष्य प्राप्त किया।’
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