भोलेनाथ के इस शिवलिंग पर सदियों से सिगरेट रखी जाती है जो कि खुद ही सुलगती रहती है और धुंआ ऐसे उड़ता है कि मानो कोई कश लगा रहा है। जानिए इसका रहस्य..
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अदभुत: 'शिवलिंग' पर सुलगने लगती है सिगरेट और उड़ता रहता है धुंआ
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देवभूमि हिमाचल सोलन जिला के अर्की में है लुटरू महादेव मंदिर। मंदिर की खासियत यह है कि यहां पर सदियों से शिवलिंग को सिगरेट पिलाई जाती है। सुनने में भले ही अजीब लगे, मगर लोगों का मानना है कि शिवलिंग के रूप में विराजमान भोले बाबा सिगरेट पीते हैं। अब यह आस्था है या फिर अधंविश्वास?
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लुटरू महादेव मंदिर अनादिकाल से इस पहाड़ी में विराजमान है। मान्यता है कि अगस्तय ऋषि ने इस गुफा में तपस्या की थी और तभी से यहां शिवलिंग मौजूद है। मगर किसी शिवलिंग पर इस तरह से सिगरेट लगाने वाला यह अपने आप में एकमात्र मंदिर है।
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शिवलिंग पर सिगरेट को जलते हुए लोग इसकी वीडियो भी बनाते हैं और यूट्यूब पर इस तरह की कई वीडियो हैं। शिवलिंग पर सिगरेट लगने के बाद खुद ब खुद सुलगती रहती है और इसमें से धुंआ भी कुछ इसी तरह से निकलता है कि मानो कोई इसे पी रहा हो।
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हालांकि वैज्ञानिक मत की मानें तो गुफा पहाड़ी पर स्थित है और ऐसे में हवा का तेज प्रवाह होने के कारण भी सिगरेट जल सकती है।
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लुटरू महादेव का शिवलिंग भी अपने आप में काफी अनोखा है। आमतौर पर शिवलिंग की सतह पतली होती है। मगर इस शिवलिंग पर जगह जगह गड्ढे बने हैं। इन्हीं गड्ढों में लोग सिगरेट को फंसा देते हैं।
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लुटरू महादेव मंदिर का निर्माण वर्ष 1621 में हुआ। कहा जाता है कि भगवान शिव बाघल रियासत के तत्कालीन राजा के सपने में आए और उन्हें मंदिर बनाने का आदेश दिया।
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मंदिर से जुड़ी एक मान्यता और है कि अनादिकाल में जब शिव पार्वती विवाह हुआ तो सभी देवता शादी में शामिल होने के लिए कैलाश की ओर चल पड़े।
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सभी देवताओं के एक तरफ आने से धरती का संतलुन बिगड़ने लगा। ऐसे में भगवान शिव ने लुटरू महादेव की गुफा में तपस्या कर रहे अगस्तय ऋषि को आदेश दिया कि वह दक्षिण ओर चले जाएं ताकि धरती का संतुलन बना रहे।
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लुटरू महादेव मंदिर में बनी गुफाएं भी अदभुत हैं। यहां पर प्राकृतिक शिवलिंग के साथ साथ कई अनोखी आकृतियां बनी हुई हैं तो यहां आने वाले भक्तों को स्वत ही आकर्षित होते हैं।
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मान्यता यह भी है कि भगवान शिव ने काफी समय तक इस गुफा को घर की तरह इस्तेमाल किया था। गुफा वैसे भी देखने में घर जैसी आकृति की है।
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भोलेनाथ के इस शिवलिंग पर सदियों से सिगरेट रखी जाती है जो कि खुद ही सुलगती रहती है और धुंआ ऐसे उड़ता है कि मानो कोई कश लगा रहा है। जानिए इसका रहस्य..
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लुटरू महादेव में हर वर्ष शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भक्तजन मंदिर के दर्शन के लिए शिमला मनाली नेशनल हाइवे से होकर शालाघाट स्टेशन पर पहुंच सकते हैं। यहां से बस और टैक्सी के माध्यम से अर्की पहुंचा जा सकता है। अर्की बाजार से कुछ पहले ही पहाड़ की चोटी पर लुटरू महादेव के दर्शन हो जाते हैं।
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हिमालय की शिवालिक पहाड़ियों में स्थित लुटरू महादेव पहुंचकर भक्तों को असीम शांति की प्राप्ति होती है। यहां से नजारा भी काफी दर्शनीय है। इस खबर को प्रकाशित करने का हमारा मकसद किसी भी आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं है। सिर्फ इतना यहां की परंपरा को देश दुनिया के सामने लाना है, ताकि लोग यहां पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन कर आर्शीवाद प्राप्त कर सकें। जय लुटरू महादेव..