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सियासत के रंग न्यारे, कांग्रेस प्रत्याशी बेटे को डाइनिंग टेबल पर जीत के टिप्स दे रहे जयराम के मंत्री

Sat, 06 Apr 2019 11:05 AM IST
अरविन्द ठाकुर अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी
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- फोटो : अमर उजाला
सियासत के रंग भी न्यारे हैं। हिमाचल में चुनावी महाभारत का कुरुक्षेत्र बने मंडी संसदीय क्षेत्र में इस बार गजब स्थिति है। कभी मंडी की सियासत की धुरी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा भाजपा की प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, तो पोता बतौर कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में है।
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अनिल शर्मा
जयराम के मंत्री अनिल शर्मा इस चुनावी रण में एक ओर रिश्तों की डोर से बंधे हैं, दूसरी ओर उनके लिए कई सियासी बंदिशें हैं। खुद को धर्म संकट में बता रहे अनिल सार्वजनिक तौर पर न बेटे का प्रचार कर रहे हैं और न ही भाजपा का। हालांकि, कांग्रेस प्रत्याशी बेटे आश्रय शर्मा को वह डाइनिंग टेबल पर चुनावी जीत के टिप्स जरूर दे रहे हैं।
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आश्रय शर्मा
सूत्रों की मानें तो पंडित सुखराम अपने बेटे अनिल शर्मा को साथ लेकर पौत्र आश्रय की चुनावी जीत के लिए घर पर ही आगामी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ब्रेकफास्ट की टेबल पर सुबह आश्रय के साथ दोनों रोज के कार्यक्रमों पर चर्चा करते हैं और डिनर पर प्रचार के आकलन के बाद अगले दिन की योजना भी तय होती है। 

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दोनों के अनुभवों से तैयार होती है रणनीति
आश्रय और अनिल शर्मा दोनों ने माना कि चुनावी भागदौड़ में भी घर पर सभी एक साथ डिनर और ब्रेकफास्ट करते हैं। आश्रय शर्मा ने कहा कि पिता अनिल शर्मा और दादा पंडित सुखराम के साथ ही वह नाश्ता और डिनर करते हैं। दोनों के अनुभवों से दिन के कार्यक्रम की दिशा तय होती है। डिनर पर पूरे दिन की गतिविधियों और अगली रणनीति पर विचार-विमर्श होता है। आश्रय ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर घबराए हुए हैं। जैसे-जैसे समय आएगा पत्ते और खुलेंगे। 
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पिता हूं, करता रहूंगा मार्गदर्शन : अनिल
आश्रय के पिता अनिल शर्मा का कहना है कि बेटे को मेरा और पिता का पूरा आशीर्वाद है। हम एक परिवार हैं। डाइनिंग टेबल पर बेटा होने के नाते आश्रय कोई सुझाव मांगता है, तो मार्गदर्शन करना मेरा फर्ज है। अपने अनुभवों से उसका मार्गदर्शन करूंगा और करता रहूंगा। अपनी बात पर अडिग हूं। न कांग्रेस के लिए प्रचार करूंगा न भाजपा के खिलाफ जाकर प्रचार करूंगा और न ही भाजपा की सदस्यता छोडू़ंगा। 
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