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मूसलाधार बारिश का कहर, बादल फटा, सेब के बगीचे तबाह

Thu, 30 Aug 2018 10:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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रामपुर उपमंडल की कूट पंचायत के बाद अब देवठी पंचायत में कुदरत ने कहर बरपाया है। पंचायत के दो गांवों जुआ और कूल पटैना में सुबह भारी तबाही हुई। 
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बादल फटने से आई बाढ़ के कारण जहां सैकड़ों सेब के पौधे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वहीं इससे तीन मकानों को आंशिक रूप से नुकसान और क्षेत्र की सड़कों को भी खासा नुकसान पहुंचा है।

 
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सूचना मिलते ही प्रशासन का दल भी मौके पर रवाना हो गया है। बहरहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।  प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह छह बजे देवठी पंचायत के जुआ गांव में बादल फटा। 





 

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बादल फटने से आई बाढ़ ने क्षेत्र के बागवानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र की देवठी गांव में  बाढ़ की चपेट में आने से 150 सेब के पौधे और  कूल पटैना गांव में 75 सेब के पौधे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस बाढ़ की चपेट में आने से गांव के तीन घरों को भी आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।
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क्षेत्र की सड़क बाढ़ आने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि कई रास्तों पर लोगों का चलना दुश्वार हो गया है। सड़कें बाधित होने से क्षेत्र में सेब सीजन भी खासा प्रभावित हुआ है। ग्रामीण राम दास के मकान में दरारें आई हैं जबकि मुनि लाल की गोशाला और मकान के सामने डंगा गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हुआ है वहीं शोभा राम के तीन कमरों को नुकसान पहुंचा है।  
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अन्य बागवानों की  222 बीघा जमीन इस बाढ़ की चपेट में आ गई है। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन करने में जुट गई।   उधर, पंचायत प्रधान देवठी इंदू बाला ने बताया कि पंचायत में बाढ़ से करीब करोड़ों का नुकसान हुआ है।


 
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उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से प्राथमिक स्कूल भवन भी खतरे की जद में है। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से नुकसान की भरपाई करके  उचित मुआवजा देने की मांग की है। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि देवठी और कूहल पटैना में दो जगह बादल फटने से 12 परिवारों के सेब के बगीचे को नुकसान पहुंचा है। जिनमें इसे तीन लोगों के मकानों में दरारें आई हैं। प्रशासन ने बंद सपंर्क मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया है।  




 

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उधर, पिंजौर-स्वारघाट एनएच-105 पर ऊंटपुर के समीप सुबह के समय पहाड़ी से मलबा आ गया। सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने से यह मार्ग कुछ घंटों के लिए बंद हो गया था। इस दौरान दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी लाइने लग गई।

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कांगड़ा जिले के उपमंडल नूरपुर की खैरियां पंचायत के जनून गांव में बुधवार सुबह एक स्लेटपोश मकान जमींदोज हो गया। नूरपुर में ही छौंछ खड्ड में नहाने उतरे 12 साल के बालक की डूबने से मौत हो गई। 

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धर्मपुर क्षेत्र की डरवाड़ पंचायत में स्थानीय मिडल स्कूल भवन की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। उस समय कमरे में न तो बच्चे थे और न ही स्टाफ, जिसके चलते किसी को चोट नहीं लगी। 
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प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार को मौसम साफ रहा। हालांकि राजधानी शिमला में दिन भर बादलों की लुकाछिपी चलती रही। मैदानी इलाकों में दिन भर धूप खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार चार सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 
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