हिमाचल में पार्वती नदी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए शुरू किया गया सर्च ऑपरेशन फेल हो गया है। उफनती पार्वती नदी में उतरना तो दूर आसपास भी कोई फटक नहीं पा रहा। रिपोर्टः रितेश गुलेरिया, कुल्लू
हालांकि आठ बजे गड़सा के पास एसएसबी जवानों ने किनारे में फंसे एक शव को बाहर निकाला। दस बजे पार्वती ने एक और शव उगला और किनारे की ओर छिटक दिया। 12:00 बजे भुंतर की ओर से आईटीबीपी के कुछ जवानों ने दोबारा नदी में उतरने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
प्रशासन ने नदी में समाई बस को
क्रेन से निकालने की बात कही, लेकिन जानकारों ने ऐसा करने से रोक दिया। कहा
गया कि पार्वती में पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि क्रेन को भी वह अपनी ओर
खींच सकती है।
भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर सरसाड़ी के पास बस हादसे के बाद कुल्लू पहुंचे पीड़ित परिजनों ने बताया कि बस में 61 नहीं बल्कि 67 लोग सवार थे। अब तक 9 शव बरामद हो चुके हैं जबकि 35 लापता हैं। चार गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है जबकि 19 लोग कुल्लू अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं।
बस हादसे में घायल बलजिंद्र और नौ साल के बेटे का इलाज कुल्लू अस्पताल में एक ही बिस्तर पर चल रहा है। इस हादसे में बलजिंद्र अपनी पत्नी, बेटी और ताया को खो चुके हैं। बलजिंद्र ने बताया कि मणिकर्ण में जातर स्नान करने के लिए पूरा परिवार बरनाला से बस में निकला था। जातर का विशेष स्नान करना था। (विलाप करते परिजन)
बरनाला की घायल गुरदीप कौर की बेटी उनकी बाहों से छूटकर पार्वती
नदी में समा गई है। मां बेटी के खो जाने से सुधबुध खो बैठी हैं। गुरदीप के
मुंह से सिर्फ ‘बेटी नदी में बही’ शब्द ही निकल रहा है। हादसे में गुरदीप
की दो और नन्हीं बेटियां भी घायल हो गई हैं।
घायल जगदीश और
गुरमीत सिंह ने कहा कि उन्होंने छलांग लगाकर जान बचाई। शुक्रवार को
इन्होंने मणिकर्ण में जातर का स्नान करना था और इसके बाद घर जाना था।
मणिकर्ण से पवित्र जल भी ले जाना था।
वीरवार देर रात दो बजे
के बाद पंजाब से लोगों का कुल्लू पहुंचना शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह करीब
सात बजे सैकड़ों लोग अपनों की तलाश करने कुल्लू अस्पताल पहुंचे। जब अस्पताल
में कुछ नहीं मिला तो वे घटना स्थल की ओर रवाना हो गए।
नौ शवों की शिनाख्त अंगरेज कौर पत्नी गुरबख्श सिंह, गुरजिंद्र सिंह पुत्र नरभय सिंह गांव अकलियों तहसील मानसा, बलजीत कौर पुत्री नजर सिंह गांव लेलेवाला तहसील तलवंडी साबो, शेर सिंह पुत्र पूर्ण सिंह गांव लेलेवाला तहसील तलवंडी साबो, मेघ सिंह पुत्र करतार सिंह गांव माखा चेहलां जिला मानसा, अमरजीत कौर पत्नी गुरधीर सिंह गांव राजगढ़ तहसील बरनाला, बलवंत कौर पत्नी चंद सिंह गांव जगरामतीर्थ तलवंडी, मनजीत कौर पत्नी जरनैल सिंह जगरामतीर्थ तलवंडी, गुरबख्श सिंह एएसआई के शवों की पहचान हो गई है।
अभी ये हैं लापता गांव जोगा तहसील मानसा के माला सिंह पुत्र बलदेव सिंह, मनप्रीत सिंह पुत्र राजकुमार, मनप्रीत सिंह पुत्र भोला सिंह, मनी सिंह पुत्र धर्म सिंह, लक्ष्मी सिंह, भूषण सिंह, मनिंद्र सिंह पुत्र गुरुसेवक सिंह, गुरमीत सिंह पुत्र नरभय सिंह, सुखा सिंह पुत्र गुरमीत सिंह, हरदीप सिंह पुत्र गेगा सिंह गांव लेलेवाला तहसील तलवंडी साबो गुरसेवक सिंह पुत्र केवल सिंह, गुरमेल सिंह पुत्र बंता सिंह, मेवा सिंह पुत्र वीरा सिंह, अमरजीत सिंह पुत्र बलकार सिंह, जनिता सिंह पुत्र नंद सिंह, सतवीर कौर पत्नी हरभजन सिंह, लीला सिंह पुत्र महिंद्र सिंह गांव मखा छेहलां जिला मानसा के पीत सिंह पुत्र गुरमेल सिंह, केसी सिंह पुत्र नेक सिंह
अभी ये हैं लापता गांव कालेबंदेर तहसील तलवंडी के दर्शन मंजू सिंह पुत्र सता सिंह, गांव पखोकलां जिला बरनाला की चरणजीत कौर पत्नी बलजिंद्र सिंह, अर्शप्रीत कौर पुत्री बलजिंद्र सिंह, नछतर सिंह पुत्र दारा सिंह, पॉल कौर पत्नी बिंदर सिंह, कोमलप्रीत पुत्री गुरदीप कौर गांव जोग्रामतीर्थ डाकघर तलवंडी के जसपाल सिंह, पुत्र गुरचरण सिंह, मखन सिंह पुत्र साधु सिंह, बलजीत सिंह पुत्र सीता सिंह, बलवंत सिंह पुत्र लाल सिंह, मनप्रीत कौर पुत्री बलवंत सिंह, अमरजीत कौर पत्नी गुरजीत सिंह, सुरकप्रीत सिंह पुत्र बलवंत सिंह गांव बग्गीबंदेर तहसील तलवंडी साबो जिला भटिंडा के गुरदेव सिंह (73) पुत्र इंद्र सिंह, सरदार सिंह (56) पुत्र बच्चन सिंह, दुर्गा नंबरदार पुत्र जग्गर सिंह।
उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने कहा कि बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पुलिस, आईटीबीपी, होमगार्ड और दोपहर बाद एनडीआरएफ के जवानों की चालीस सदस्यों की टीम मौके पर पहुंच गई है।