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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: CBI को मिला ऐसा सुराग, अब कांप रही है शिमला पुलिस

Wed, 02 Aug 2017 05:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले में सीबीआई को एक ऐसा सुराग हाथ लगा है जिससे अब शिमला पुलिस की नींद उड़ गई है। हिमाचल के शिमला स्थित‌ि कोटखाई थाने के लॉकअप में गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले के एक आरोपी सूरज की हत्या पर शक के घेरे में अब खुद शिमला पुलिस आ गई है।
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सीबीआई को सुराग मिला है कि हत्या के वक्त लॉकअप के भीतर या इसके आसपास आरोपी राजू और सूरज के अलावा कोई तीसरा आदमी भी था। इसका राज थाने में तैनात पुलिसकर्मी ही खोल सकते हैं। सीबीआई जल्दी ही एक संतरी समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ करेगी।
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सीबीआई का संदेह पुख्ता हो चुका है कि सूरज की हत्या वैसे नहीं हुई है, जैसे पुलिस ने कहानी बनाई है। गुड़िया मामले से जुडे़ इस दूसरे हत्याकांड की कहानी को सीबीआई जल्द ही खारिज कर सकती है। 18 जुलाई को लॉकअप में हुए इस कत्ल के बाद पुलिस ने राजू को ही हत्यारा मान लिया था।

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उस पर आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई राजू को ही सूरज का हत्यारा नहीं मान रही है। इसमें कुछ और लोग भी हो सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि सूरज के कत्ल में राजू की उस तरह की भूमिका नहीं रही हो, जैसा पुलिस मान रही है।
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उस रात सूरज को कोटखाई अस्पताल में कब और किस हालत में लाया गया। मंगलवार को सीबीआई की एक टीम ने कोटखाई थाने में डॉक्टर और नर्सों से पूछताछ की। सूरज को इसी अस्पताल में मृत घोषित किया गया था। 
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सूरज की हत्या तीन जगहों पर चोटें लगने से हुई बताई गई है। उसके सिर पर चोट, उसका गला दबाने और उसके प्राइवेट पार्ट पर मारा गया था। सीबीआई का मानना है कि ऐसा करने में कम से कम 10 से 15 मिनट तो लगे ही होेंगे? सूरज चीखा-चिल्लाया होगा। उस वक्त थाने में और लोग क्या कर रहे थे?
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किसी ने उसके चीखने की आवाज क्यों नहीं सुनी? यह भी सवाल है कि अगर राजू को यह मालूम हो गया था कि उसके खिलाफ सूरज गवाही देने वाला है तो यह बात राजू को किसने बताई? एक सवाल यह भी कि  अगर पुलिस सूरज को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी में ही थी तो मुख्य आरोपी के साथ उसे लॉकअप में क्यों रखा गया? 

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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई को किसी ने गुप्त सूचना दी है कि उस रात करीब साढे़ 11 बजे कोई एक शख्स आरोपी सूरज को घसीटते हुए सीढ़ियों से पहले ऊपरी मंजिल में ले गया। उसके बाद उसे निचली मंजिल में लाया गया। उसके बाद लॉकअप में डाला गया। उसे निकालने से पहले शायद लॉकअप संतरी ने खोला और उसके बाद उसे बंद भी किया। 

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सीबीआई बुधवार को अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि इस स्टेटस रिपोर्ट को तैयार कर दिया गया है। इसे मंगलवार को पीटरहॉफ शिमला में सीबीआई की नई दिल्ली से आई संयुक्त निदेशक नीना सिंह की निगरानी में तैयार किया गया है।
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सुबह नौ बजे से साढे़ 11 बजे तक सीबीआई ने इस रिपोर्ट को बनाया। मंगलवार को ही नीना सिंह के नेतृत्व में सीबीआई टीम दांदी जंगल के लिए रवाना हुई। संयुक्त निदेशक नीना सिंह ने खुद स्पॉट देखा। उसके बाद नीना सिंह ने कोटखाई थाने का भी निरीक्षण किया।
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