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Kiratpur-Manali Four Lane: सर्पीली सड़कें भूल जाएं, रफ्तार और रोमांच के लिए फोरलेन तैयार

Sat, 27 May 2023 02:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर प्रकाश ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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किरतपुर-मनाली फोरलेन - फोटो : संवाद
पहाड़ी राज्य हिमाचल में सर्पीली सड़कों को भूल जाएं। किरतपुर-मनाली फोरलेन रफ्तार और रोमांच के लिए लगभग तैयार हो गया है। करीब 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे आधिकारिक रूप से 15 जून के बाद शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि अभी से ही फोरलेन पर भारी यातायात देखा जा रहा है। अभी जकातखाना और थापना में निर्माण कार्य जारी है। पंडोह से मनाली का कुछ हिस्सा बनना भी बाकी है। बीच-बीच में दो लेन पर ही वाहन दौड़ रहे हैं। इस कारण आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। फो रलेन पर रफ्तार का अंदाजा न लगने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। साथ ही सुरंगों के बाहर जाम की स्थिति भी बन रही है। बता दें कि कालका-शिमला फोरलेन सोलन के चंबाघाट तक बन चुका है। मटौर-शिमला और पठानकोट-मंडी फोरलेन का निर्माण भी जारी है। किरतपुर-मनाली फोरलेन की सभी पांच टनल पूरी तरह से बनकर तैयार होने के साथ आवाजाही के लिए बहाल हो गई हैं। जकातखाना में फ्लाईओवर का काम चल रहा है।
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- फोटो : संवाद
यहां डबल लेन के दो फ्लाईओवर बन रहे हैं। इन्हीं फ्लाईओवर के नीचे रेल लाइन भी गुजरेगी। एक फ्लाईओवर का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के करीब है, जबकि दूसरे के लिए अभी समय लगेगा। जकातखाना में सर्विस लेन से वाहन गुजर रहे हैं। टनल नंबर दो थापना के पोर्टल-एक के बाहर पुल का निर्माण चल रहा है। इस पुल की दो लेन तैयार हैं। इनसे वाहनों की आवाजाही हो रही है। दूसरी तरफ का निर्माण चल रहा है। इसका काम उद्घाटन से पहले पूरा कर होगा। फोरलेन पर साइन बोर्ड, लाइट और पेंटिंग का काम किया जा रहा है। सभी सुरंगों के बाहर देवी-देवताओं की तस्वीर भी बनाई जा रही हैं। टनल आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। 

फोरलेन पर होंगे दो टोल प्लाजा- फोरलेन पर मंडी और बिलासपुर की सीमा पर बलोह और पंजाब के मोड़ा में टोल प्लाजा बनाए गए हैं। टोल पर डिजिटल और नकद से भुगतान करने की सुविधा होगी। फोरलेन पर दोनों टोल प्लाजा का काम करीब पूरा हो चुका है। यह टोल प्लाजा सात लेन के होंगे। पांच लेन पर फास्ट टैग और नकद भुगतान की सुविधा होगी, जबकि दो लेन से आपातकालीन वाहन और टोल से छूट वाले वाहनों के लिए होंगी। टोल पर टैक्स वसूलने के लिए एनएचएआई दिल्ली से ही टेंडर करेगा। इसके बाद टोल टैक्स की दरें भी तय होंगी।
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- फोटो : संवाद
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने फोरलेन को एनएच-154 का नाम दिया है। हालांकि इसका कुछ हिस्सा पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 205 में भी आएगा। एनएच 205 में किरतपुर से गरामोड़ा और भवाणा से नेरचौक तक का भाग शामिल है, जबकि नया भाग नए एनएच 154 में होगा।  

मोदी करेंगे उद्घाटन- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के उद्घाटन के लिए को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को पत्र लिख दिया। हालांकि उद्घाटन की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि फोरलेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

36235 पौधे लगाए जाएंगे सौंदर्यीकरण के लिए- परियोजना के सौंदर्यीकरण के लिए एनएचएआई किरतपुर से नेरचौक तक 36, 235 पौधे रोपेगा। इसमें से 27, 712 पौधे रोपे जा चुके हैं। यह पौधे परियोजना के बीच डिवाइडर में और दोनों ओर लगाए गए हैं।

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- फोटो : संवाद
37 किलोमीटर दूरी कम होगी किरतपुर से नेरचौक तक- वर्तमान में किरतपुर से नेरचौक की दूरी 114 किलोमीटर है, लेकिन फोरलेन तैयार होने के बाद यह दूरी 37 किलोमीटर कम होकर 77 किलोमीटर रहेगी। वाहन चालकों को तीखे मोड़ों से राहत मिलेगी। यह सफर एक घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि अभी तक इस सफर को तय करने में साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। 

4200 करोड़ रुपये खर्च हुए, 10 साल लगे- फोरलेन को पूरा करने में 4200 करोड़ से ज्यादा लागत आई, जबकि निर्माण के लिए 10 साल का समय लगा है। इस परियोजना को एनएचएआई ने पूरा किया। साल 2013 में काम शुरू हुआ था। साल 2017 में निर्माण कर रही कंपनी के दिवालिया होने पर काम रुक गया। तीन साल तक काम बंद रहा है।  
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- फोटो : संवाद
05 टनलों और 37 पुलों से गुजरेगा फोरलेन- परियोजना में पांच टनल बनाई गई हैं। इनमें सबसे बड़ी टनल 1800 मीटर गरामोड़ा, टीहरा टनल 1265 मीटर, भवाणा टनल 740 मीटर, तुन्हू टनल 550 मीटर और सबसे छोटी टनल बाघछाल 465 मीटर है। सभी टनल दो लेन तैयार हो गई हैं। चार टनल की समानांतर सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जबकि गरामोड़ टनल की समानांतर सुरंग का काम चल रहा है। उसका काम भी एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना में कुल 37 पुल बने हैं। इनमें 22 बड़े और 15 छोटे पुल हैं। 

रोजगार के अवसर हो रहे पैदा, दिखेंगे सुंदर नजारे- फोरलेन के बनने से रोजगार से अवसर पैदा हो रहे हैं। लोग फोरलेन किनारे दुकान, रेस्टोरेंट, होटल का निर्माण कर रहे हैं।  फोरलेन का थापना से लेकर औहर का अधिकतर भाग गोबिंद सागर झील के किनारे से होकर गुजरा है। यहां से झील के सुंदर नजारे दिखाई देते हैं। सबसे आकर्षित जगह मंडी भराड़ी पुल के पास है। इसे विकसित करने के लिए प्रशासन भी योजना बना रहा है। 
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