05 टनलों और 37 पुलों से गुजरेगा फोरलेन- परियोजना में पांच टनल बनाई गई हैं। इनमें सबसे बड़ी टनल 1800 मीटर गरामोड़ा, टीहरा टनल 1265 मीटर, भवाणा टनल 740 मीटर, तुन्हू टनल 550 मीटर और सबसे छोटी टनल बाघछाल 465 मीटर है। सभी टनल दो लेन तैयार हो गई हैं। चार टनल की समानांतर सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जबकि गरामोड़ टनल की समानांतर सुरंग का काम चल रहा है। उसका काम भी एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना में कुल 37 पुल बने हैं। इनमें 22 बड़े और 15 छोटे पुल हैं।
रोजगार के अवसर हो रहे पैदा, दिखेंगे सुंदर नजारे- फोरलेन के बनने से रोजगार से अवसर पैदा हो रहे हैं। लोग फोरलेन किनारे दुकान, रेस्टोरेंट, होटल का निर्माण कर रहे हैं। फोरलेन का थापना से लेकर औहर का अधिकतर भाग गोबिंद सागर झील के किनारे से होकर गुजरा है। यहां से झील के सुंदर नजारे दिखाई देते हैं। सबसे आकर्षित जगह मंडी भराड़ी पुल के पास है। इसे विकसित करने के लिए प्रशासन भी योजना बना रहा है।