उनकी यूनिट 18 ग्रेनेडियर के 34 जांबाजों ने शहादत का जाम पिया। इनमें 2 अफसर, 2 जेसीओ और 30 जवान शामिल थे। सबसे गौरवमयी पल चार जुलाई को आया, जब उनके नेतृत्व में भारतीय वीरों ने टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया। इस युद्ध में कांगड़ा जिला के 15, मंडी से 11, हमीरपुर के सात, बिलासपुर के सात, शिमला से चार, ऊना से दो, सोलन और सिरमौर से दो-दो तथा चंबा और कुल्लू से एक-एक जवान ने कुर्बानी दी थी।