ऐसा ही मेला रांगचा गांव में हुआ। इस दौरान कई जोड़ों एक दूसरे के साथ परिणय सूत्र में बंधे। मेले में इसमें सराज के आराध्य देवता शैटीनाग, देवता विष्णु नारायण, देवता घलयालू, देवता भूजा ऋषि, देवता कमरुनाग और देवता पांचवीर के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।