दरअसल, जनमंच कार्यक्रम के दौरान शहीद की पत्नी ने कहा कि वह नौकरी के लिए पिछले तीन साल से भटक रहीं है। उनके पति पुरूवाला के सोहन सिंह मणिपुर में जून 2015 में शहीद हो गए थे। तब से वे (रजनी देवी) नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। मंत्री से मुखातिब महिला के सवालों पर अधिकारी ने अंग्रेजी में जवाब देना शुरू कर दिया। इसी पर आईपीएच एवं सैनिक कल्याण मंत्री संबंधित अधिकारी पर भड़क गए। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी के साथ हिंदी में बात करें।