हालांकि, दशहरा उत्सव कमेटी की ओर से यह तय हुआ था कि उत्सव में सात खराहल घाटी के देवता बिजली महादेव, मनाली की माता हिडिंबा, नग्गर की त्रिपुरा सुंदरी, खोखण के आदि ब्रह्मा, पीज के जमदग्नि ऋषि, रैला के लक्ष्मी नारायण और ढालपुर के वीरनाथ ही रथयात्रा में शामिल होंगे। इसके लिए बाकायदा सहमति भी बनी थी। लेकिन हलाण के देवता धूमल नाग ने इस फैसले के बाद ही दशहरे में आने का आदेश सुनाया था।