प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अधिकांश पायलट विदेशी हैं। पंजीकरण के समय भारतीय पायलटों की संख्या अधिक थी। लेकिन, अंतिम समय में यह कम रह गई। प्रतियोगिता के मीट डायरेक्टर व्रेट जानवे ने बताया कि निर्धारित टास्क के दायरे से बाहर जाने वाले पायलट के अंक काट लिए जाएंगे।