यदि आपके जोड़ों में भी कई सालों से दर्द है और ठीक नहीं हो रहा तो अब चिंता की बात नहीं। डॉक्टरों ने बेहद कम खर्च में ऐसी तकनीक निकाली है जिससे ये दर्द दूर भाग जाएगा। आइए जानते हैं कैसे ये सब किया गया-
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प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में डॉक्टरों ने बिना कोई चीर फाड़ किए पेन क्लीनिक में रीढ़ की हड्डी का उपचार कर हड्डी से निकलने वाले रेशे को बाहर निकाल दिया। मरीज का ऑपरेशन किए बिना ही मैनवल इनवैसिव प्रोसिजर में सुई और एंडोस्कोपी के माध्यम से डॉक्टरों ने इस पूरे इलाज को अंजाम दिया।
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अस्पताल के डॉक्टरों का दावा है कि इस पेन क्लीनिक में शरीर के हर तरह के जोड़ों के दर्द का स्थायी इलाज किया जा सकता है। स्नोडन अस्पताल में पेन क्लीनिक के डाक्टरों ने सिरमौर से आए करीब तीस वर्षीय युवक की चार साल पुरानी रीढ़ की हड्डी के दर्द का उपचार बिना चीर फाड़ किए किया।
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करीब एक साल पहले आईजीएमसी में शुरू हुई पेन क्लीनिक की ओपीडी में यह पहला केस था जिसका करीब 45000 की लागत से सुई और एंडोस्कोपी के माध्यम से इलाज किया गया। पेन क्लीनिक के डॉक्टर दावा कर रहे हैं कि इस क्लीनिक में 1500 रुपये से घुटनों, जोड़ों, गले का दर्द स्थायी तौर पर खत्म किया जा सकता है।
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पेन क्लीनिक में बिना चीर फाड़ किए पेंसिल के बराबर सुई को एंडोस्कोपी में देखते हुए बगैर बेहोश किए शरीर के उस हिस्से में डाला जाता है, जहां पर मरीज के शरीर में दर्द हो रहा है। जब सुई दर्द वाली जगह पर पहुंचती है, तो उस जगह को जिस कारण दर्द हो रही हो उसे बाहर निकाल दिया जाता है।
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यह प्रक्रिया लगभग एक घंटे तक चलती है। जिस हिस्से से सुई डाली जाती है, वहां पर एक टांका लगा दिया जाता है। उसी दिन या दूसरे दिन मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।
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पेन क्लीनिक के डॉक्टर गरीश ने बताया कि सिरमौर के एक मरीज का मैनवल इनवैसिव प्रोसिजर के जरिये इलाज किया गया। जिसे पिछले चार साल से रीड की हड्डी में दर्द थी। इलाज के दो हफ्तों बाद मरीज ओपीडी में चेकअप करवाने आया था, यह पूरी तरह से ठीक है। एक महीने बाद मरीज का एमआरआई करवाया जाएगा।
निश्चेतन विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह सोढी ने बताया कि कुछ समय पहले मरीज का मेनवल इनवैसिव प्रोसिजर के जरिये उपचार किया गया, मरीज का एमआरआई करने के बाद ही पता चलेगा कि इसकी बीमारी में कितना फर्क पड़ा है।