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शोध में खुलासा, घातक हैं ये दो बीमारियां, जा सकती है याददाशत

Tue, 15 Nov 2016 10:29 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
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दो सामान्य बीमारियों पर ताजा शोध के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इनसे आपकी याददाश्त जाने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। ऐसे में आप भी इन्हें नजरअंदाज न करें। आइए जानते हैं कौन कौन सी ये बीमारियां-
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अगर आपको हाइपरटेंशन और डायबिटीज की समस्या है तो इसे हल्के में न लें। दोनों के इलाज में जरा सी लापरवाही से आपको बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ताजा शोध में इसका खुलासा हुआ है।
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यह दोनों बीमारियां आपकी याददाश्त को कमजोर या खत्म कर सकती हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, कांगड़ा के विशेषज्ञों के अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जिन क्षेत्रों में लोगों को हाइपरटेंशन और डायबिटीज की समस्या ज्यादा है उन क्षेत्रों में डिमेंशिया के मामले भी ज्यादा हैं।

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ऐसा होने के पीछे विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों ही बीमारियों को लोग ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते। इसी वजह से यह आगे चलकर दिमाग पर असर करती है और याददाश्त कमजोर होने लगती है।
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अध्ययन करने वाले डॉ. सुनील कुमार रैना ने बताया कि इन दोनों बीमारियों और डिमेंशिया का संबंध पता लगाने के लिए हिमाचल, उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र में हाइपरटेंशन, डिमेंशिया और डायबिटीज पर हुई रिसर्च का अध्ययन किया गया। अध्ययन के दौरान ये बात सामने आई कि अब तक इन तीनों बीमारियों के जितने भी अध्ययन हुए हैं उनसे साफ है कि जिन क्षेत्रों में हाइपरटेंशन और डायबिटीज पाया गया वहां डिमेंशिया के मामले भी ज्यादा पाए गए। इन दोनों बीमारियों से डिमेंशिया की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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रिसर्च के दौरान अध्ययनकर्ताओं ने तीनों बीमारियों को लेकर अब तक हुआ रिसर्च डाटा का संकलन किया। इसमें डिमेंशिया से जुड़े 204 पेपर, हाइपरटेंशन से जुड़े 287 और डायबिटीज से जुड़े 577 पेपर सामने आए। इन पेपरों के अध्ययन में यह बात सामने आई कि जहां डिमेंशिया ज्यादा था उस क्षेत्र में डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मामले भी ज्यादा थे।
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डॉ. रैना ने कहा कि ये दोनों ही बीमारियां वैसे तो सामान्य होती हैं लेकिन इस अध्ययन से यह सामने आया है कि दोनों ही दिमाग पर असर कर उसे कमजोर करती हैं। ऐसे में दोनों ही बीमारियों के लक्षण सामने आने पर इसे गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही विशेषज्ञ से सलाह लेकर दवाओं के जरिये उसे खत्म करना जरूरी है। ऐसा न करने पर अगली स्टेज डिमेंशिया का रूप धारण कर लेती है।
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