70 दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को अनलॉक 1.0 के लागू होने से प्रदेश में जनजीवन पटरी पर लौटना शुरू हो गया है। बाजारों में चहलपहल नजर आने लगी है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज शुरू हो गया है। हालांकि, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) बसों को पहले दिन यात्री नहीं मिले। दर्जनों रूट स्थगित करने पड़े तो कई रूटों पर एक-दो यात्रियों को लेकर ही रवाना होना पड़ा। अधिकांश जिलों में निजी बसें खड़ी ही रहीं। जहां निजी बसें चलीं भी, वहां खर्चा पूरा न होने की वजह से दोपहर तक खड़ी कर दी गईं।
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बसों में नहीं मिले यात्री
- फोटो : अमर उजाला
कई दिनों से जिलों में फंसे हुए लोग भी अपने वाहनों से घर पहुंचे। एचआरटीसी ने 2222 रूटों पर परिवहन सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा था। सुबह के समय निगम की बसों में सीटें खाली रहीं लेकिन दोपहर बाद सवारियां बैठनी शुरू हुई। 4:00 बजे तक 1500 रूटों पर बसें चलाई गईं।
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बसों में नहीं मिले यात्री
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एचआरटीसी के डीएम ट्रैफिक पंकज सिंघल ने बताया कि शाम 7:00 बजे तक अधिकांश रूटों पर बसें दौड़ाई गई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग और निगम के अधिकारी फील्ड में ही डटे रहे। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जिन रूटों पर निजी बसें नहीं चलीं, वहां एचआरटीसी मंगलवार से अपनी बसें भेज सकता है।
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बस अड्डे पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
सरकार ने 60 फीसदी सवारियों के साथ सोमवार सुबह 7 बजे से बसों का संचालन शुरू किया। करीब 1:30 बजे तक लांग रूटों पर भी बसों को भेजने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद लोकल व स्थानीय रूटों पर बसें चलती रहीं। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि परिवहन सेवा शुरू होने का यह पहला दिन है। धीरे-धीरे लोग बसों में सफर करना शुरू करेंगे।
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बस अड्डे पर खड़ी बस
- फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर में 53 रूटों पर एचआरटीसी और 19 रूटों पर चलीं निजी बसें, 36 निजी बस रूट रहे प्रभावित, जिला भर में औसत 350 यात्रियों ने किया सफर। कुल्लू में 90, लाहौल में कई रूटों पर दौड़ीं बसें। शिमला जिले में पहले दिन 500 रूटों पर दौड़ीं एचआरटीसी बसें, शहर में 254 रूटों पर हुआ बसों का संचालन। सोलन से परवाणू-शिमला के लिए छह बसों ने की आवाजाही।
मंडी जिला के छह डिपुओं से 389 बसें रूटों पर दौड़ीं। इन बसों में औसतन 25 से 30 फीसदी सवारियों ने ही सफर किया। यहां लगभग सौ रूटों को स्थगित करना पड़ा। नाहन में पहले दिन शिमला-सोलन सहित लगभग 50 रूटों पर बसें चलीं ।चंबा-शिमला बस में महज 18, लोकल रूटों पर कई बसों में एक सवारी, सिल्लाघ्रराट, द्रम्मण, भरमौर के लिए खाली बसें ही चलीं।