हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं परीक्षा में अव्वल रहे छात्रों की जुबानी जानिए कैसे और किस तरह उन्होंने सफलता हासिल की। पढ़िए पूरी खबर..
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हर रोज की 10 से 12 घंटे पढ़ाई दसवीं में टॉप करने वाली एसवीएम घुमारवीं की छात्रा उर्वशी का सपना डॉक्टर बनकर कैंसर रोगियों का इलाज करना है। प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करने वाली उर्वशी ने 694 अंक प्राप्त कर राज्य भर में पहला स्थान हासिल किया। उर्वशी ने कहा कि वह चिकित्सक बनकर देश और गरीब वर्ग के लोगों की सेवा करेंगी। इसके लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उर्वशी के पिता किशोरी लाल की घुमारवीं बस अड्डे के पास पीसीओ की दुकान है। माता सुषमा गृहिणी हैं। उर्वशी इसी स्कूल में जमा एक में साइंस की छात्रा हैं।
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कड़ी मेहनत हमेशा दिलवाती है सफलता दसवीं कक्षा में राज्य भर में दूसरा स्थान हासिल करने वाली एसवीएम घुमारवीं की छात्रा पलक शर्मा का सपना चिकित्सक बनना है। पलक शर्मा ने 690 अंक लेकर प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल किया है। पलक बड़ी होकर गरीब वर्ग के लोगों की नब्ज टटोलकर उनका इलाज करेंगी। पलक शर्मा ने सफलता का श्रेय गुरुजनों और अभिभावकों को दिया है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के आर्शीवाद से ही उन्हें यह सफलता मिली है। हालांकि बेहतर परिणाम के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत भी की। जमा एक में इसी स्कूल में साइंस विषय में पढ़ाई कर रही हैं। पिता कुलदीप शर्मा और माता रक्षा देवी शिक्षक हैं।
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माता पिता को दिया सफलता श्रेय प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल कर नागचला के अमोल शर्मा ने स्कूल और माता-पिता का नाम रोशन किया। अमोल शर्मा डॉक्टर बनना चाहते हैं। किंग जार्ज रॉयल पब्लिक स्कूल नेरचौक के छात्र अमोल शर्मा ने दसवीं में 688 अंक लिए हैं। पिता दिनेश चंद शर्मा एचआरटीसी में असिस्टेंट मैनेजर हैं, जबकि माता तुलसी देवी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। अमोल ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और बहन को दिया है। किंग जार्ज स्कूल के प्रधानाचार्य केपी शर्मा ने अमोल को बधाई दी है।
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पढ़ाई के जनून ने दिलवाई सफलता दसवीं के परीक्षा परिणाम में चौथे स्थान पर रही स्वाति राणा भारतीय सेना में अधिकारी बनना चाहती हैं। स्वाति राणा ने बताया कि उसकी छोटे भाई के साथ हमेशा पढ़ने की प्रतिस्पर्धा होती है। दोनों भाई बहन एक दूसरे के साथ शर्त लगाकर पढ़ने बैठते हैं कि सबसे अधिक देर तक कौन पढ़ाई करता है। राणा ने बताया कि सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य राकेश कुमार, पिता कुशल कुमार, माता सरोज वाला और छोटे भाई साहिल को जाता है। स्वाति के पिता कुशल कुमार आईपीएच विभाग में बतौर फिट्टर हारचक्कियां में कार्यरत हैं और माता सरोज कुमारी गृहिणी हैं।
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अरुंधति ने कहा मेहनत से आगे बढ़ें तो कोई राह नहीं मुश्किल दसवीं की मेरिट लिस्ट में 5वां स्थान पर रही अंरुधति बड़े होकर आईएएस अधिकारी बनेंगी। अरुंधति के पिता राकेश कटोच और माता रीता कटोच दोनों सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। अरुंधति ने बताया कि वह प्रतिदिन 6 से 7 घंटे तक पढ़ाई करती हैं। वह बड़ी होकर आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करेंगी। भ्रष्टाचार को दूर कर गरीबों को इंसाफ दिलाएंगी। अरुंधति ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल अध्यापकों को दिया है। छात्रा ने कहा कि अगर मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए तो कोई भी राह मुश्किल नहीं है।
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हर रोज आठ घंटे पढ़ाई करके मेरिट में बनाई जगह सीनियर सेकेंडरी मॉडल इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन देवधार टिहरा की छात्रा दिव्या ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा में 684 अंक लेकर मेरिट में छठा स्थान पाया है। दिव्या का सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। सकोह गांव की दिव्या ने बताया कि मेरिट में आने को हर दिन आठ घंटे पढ़ाई की। माता कमलेश टिहरा स्कूल में लेक्चरर हैं। पिता का देहांत उनके जन्म के एक दिन पहले हो गया है। दिव्या पढ़ाई करने के लिए रोजाना करीब दो किलोमीटर पैदल सफर करती हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना हासिल करने वाली दिव्या मंडी जिले एकमात्र छात्रा हैं। दिव्या ने सफलता का श्रेय माता और अध्यापकों को दिया है।
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कई घंटों की पढ़ाई करके मिली सफलता दसवीं की मेरिट सूची में सातवें स्थान पर रहे ग्रेटवे पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल राजा का तालाब के साहिल धीमान भारतीय सेना में उच्च पद पर आसीन होना चाहते हैं। साहिल गरीब परिवार से संबंध रखता है। साहिल के पिता महिंद्र सिंह राज मिस्त्री का काम करते हैं और माता कमलेश कुमारी गृहिणी हैं। साहिल के अनुसार वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता है। साहिल ने सफलता का श्रेय माता-पिता तथा अध्यापकों को दिया है।
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कड़ी मेहनत और परिजनों के मार्ग दर्शन ने दिलवाई सफलता प्रदेश स्कूल शिक्षा की 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कैरियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा तमन्ना शर्मा ने 8वां स्थान पाया है। हरिपुरधार के बियोंग गांव निवासी तमन्ना शर्मा ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। तमन्ना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत दाता संतराम शर्मा एवं दादी सुरतो देवी एवं अध्यापकों को दिया है। उन्होंने कहा कि वह प्रतिदिन तीन से चार घंटे की पढ़ाई करती थीं। माता सुषमा शर्मा और पिता जेबीटी टीचर रामकृष्ण शर्मा ने बेटी की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। प्रधानाचार्य आके दुग्गल ने तमन्ना की सफलता पर बधाई दी है।
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कड़ी मेहनत से मेरिट में बनाई जगह हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की वार्षिक परीक्षा में स्नोअर वैली पब्लिक स्कूल के छात्रों ने सफलता का डंका बजाया है। स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र विनय ठाकुर ने दसवीं में 97.43 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। विनय ने प्रदेश भर में आठवां स्थान हासिल किया। विनय ठाकुर ने बताया कि वह मेडिकल के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। वह डॉक्टर बनना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अध्यापकों को देते हुए कहा कि यह सब उनके आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है। वह प्रतिदिन करीब 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे। विनय की सफलता से विनय के परिवार में खुशी का माहौल है।
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साइंटिस्ट बनना चाहती है तनु हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में बुंबलू पब्लिक स्कूल बड़सर की तनु ने मेरिट में नौवां स्थान पाया है। उसने 681 अंक हासिल किए हैं। पिता राकेश शर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ में शारीरिक शिक्षक हैं तथा माता निजी स्कूल में कंप्यूटर टीचर हैं। तनु ने बताया कि उसका सपना साइंटिस्ट बनना है। उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया। कड़ी मेहनत से मेरिट में बनाई जगह।
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इंजीनियर बनेंगे नंगड़ा के अमन एसडी पब्लिक स्कूल संतोषगढ़ के दसवीं कक्षा के छात्रा अमन गर्ग ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में 700 में से 619 अंक प्राप्त करके प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया है। अमन गर्ग भविष्य में इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। अमन ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व स्कूल के अध्यापकों को दिया है।
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माता पिता को दिया सफलता का श्रेय प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की मेरिट में हिमाचल पब्लिक स्कूल झंडूता की छात्रा प्रिया महाजन ने प्रदेश भर में नौवां स्थान हासिल किया। प्रिया ने 681 अंक प्राप्त कर यह स्थान झटका। बेटी की उपलब्धि पर स्कूल में उत्सव का माहौल रहा। स्कूल में मिठाइयां बांटी गई। प्रिया ने बताया कि वह चिकित्सक बनकर जनसेवा करना चाहती हैं। प्रिया ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता को दिया। पिता राजेश महाजन शिक्षक हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से पढ़ाई करके ही लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इसके लिए वह प्रयासरत हैं।
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हर रोज आठ घंटे पढ़ाई करके मिली कामयाबी स्नोअर वैली स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र प्रशांत शर्मा ने शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षा में 97.29 प्रतिशत अंक लेकर 9वां स्थान हासिल कर स्कूल तथा माता-पिता का नाम रोशन किया है। प्रशांत ने कहा कि वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। नॉन मेडिकल के क्षेत्र में जाकर अपने सपने को साकार करेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अध्यापकों को दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक दिन में करीब 7-8 घंटे पढ़ाई की।
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सिविल इंजीनियर बनेगा मनीष मेरिट में दसवें स्थान पर रहे मनीष राणा सिविल इंजीनियर बनेंगे। मनीष राणा के पिता कुलदीप सिंह राणा फौज में नौकरी करते हैं और माता सपना देवी गृहिणी है। मनीष राणा ने बताया कि वह भविष्य में सिविल इंजीनियर बनना चाहता है। वह निर्माण की नई-नई तकनीकें ईजाद करेंगे। इसके अलावा अपनी तकनीक से वह अन्य आपदाओं से लोगों को बचाने के लिए ऐसे भवनों का निर्माण करेगा, जिससे लोगों को नुकसान न हो। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल के अध्यापकों को दिया है।