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HPASCC Exam Result: असफलताओं को चुनौती मान भर ली कामयाबी की उड़ान, बने एचएएस और एचपीएस अधिकारी, ऐसे पाया मुकाम

Wed, 22 Jun 2022 03:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/मंडी/कुल्लू/सोलन/हमीरपुर/बिलासपुर/कांगड़ा/ऊना/लाहौल-स्पीति
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परीक्षा में टॉप करने वाले अभिषेक बरवाल - फोटो : अमर उजाला
असफलताओं को चुनौती मान जो आगे बढ़ता है उसे ही मंजिल मिलती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है देवभूमि हिमाचल की यूथ बिग्रेड ने। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में इन युवाओं ने मेहनत के दम पर दूसरों को यह संदेश दिया है कि जिंदगी में मुश्किल कुछ नहीं। इन युवाओं में कुछ ऐसे भी हैं जो पहले से अफसर हैं, लेकिन इन्हें उच्च पद पर जाना था। अभिषेक बरवाल वन विभाग में सहायक अरण्यपाल, तीसरे स्थान पर रहे दीक्षित राणा जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति और पांचवें स्थान पर रहे चिराग एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। सातवें स्थान पर आए मयंक शर्मा एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हें। इन तीनों ने उच्च पद प्राप्त करने के लिए महनत जारी रखी। राज्य सरकार को सात हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) और चार हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा (एचपीएस) अधिकारी और मिल गए हैं।  लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2020 का परिणाम जारी किया। कुल 16 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।

प्रयास करने से मिलती है सफलता : अभिषेक
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा में टॉप करने वाले अभिषेक बरवाल ने मार्च 2022 में घोषित हुए प्रदेश वन सेवा की परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। वर्तमान में अभिषेक फोरेस्ट डिविजन शिमला में बतौर सहायक अरण्यपाल के पद पर कार्यरत हैं। मंडी जिले के संधोल के रहने वाले अभिषेक ने चौथे प्रयास में एचएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अभिषेक ने बताया कि लगातार प्रयास करने से ही सफलता प्राप्त होती है। परीक्षा पास नहीं होने की स्थिति में हार मानकर नहीं बैठना चाहिए। अभिषेक ने हमीरपुर, नाहन और सुंदरनगर में स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 2015 में एनआईटी हमीरपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर कुछ समय तक निजी कंपनी में नौकरी भी की। अभिषेक की बहन स्वाती बरवाल जिला कचहरी धर्मशाला में बतौर सिविल जज कार्यरत हैं। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया है। 
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मंगवाई की रश्मि - फोटो : संवाद
इंटरनेट, अखबारों से हासिल ज्ञान से मिली सफलता : रश्मि 
 शहर के रामनगर मंगवाई की रश्मि का चयन हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवाओं में डीएसपी रैंक के लिए हुआ है। हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से मंगलवार को घोषित किए गए परिणामों में रश्मि को पांचवां रैंक मिला है। रश्मि इन दिनों चंडीगढ़ में एक नामी इंजीनियरिंग कंपनी में कार्यरत हैं। पिता देव राज भारद्वाज भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि माता मीनाक्षी भारद्वाज भाषा अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। रश्मि का कहना है कि इंटरनेट और अखबारों से वह ज्ञान हासिल करती रहीं और कामयाबी मिली। इनकी प्रारंभिक शिक्षा रामनगर मंगवाई के स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में हुई है। इसके बाद बद्दी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद निजी कंपनी में नौकरी मिल गई। 
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कुल्लू की कुनिका - फोटो : संवाद
कुनिका ने दूसरी बार पास की एचएएस की परीक्षा
 खाद्य आपूर्ति विभाग धर्मशाला में बतौर इंस्पेक्टर कुल्लू की कुनिका ने एचएएस की परीक्षा पास कर मेरिट में दूसरा स्थान पाया है। दूसरा रैंक मिलने पर कुनिका को हिमाचल प्रशानिक सेवा (एचएएस) का पद मिला है।  हालांकि 2019 में भी कुनिका ने एचएएस की परीक्षा पास की थी, मगर इंटरव्यू नहीं हो पाया था। अब दूसरी दफा दूसरा रैंक मिलने से कुनिका और परिवार खुश है। कुल्लू से जमा दो की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बिलासपुर से बीएससी की है। उनके पिता कुल्लू में दुकान करते हैं और माता शिक्षिका हैं।

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कार्तिकेय शर्मा - फोटो : अमर उजाला
असफलताओं के बावजूद बढ़ते रहें आगे : कार्तिकेय
प्रदेश प्रशासनिक सेवा की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में शिमला के चक्कर के कार्तिकेय शर्मा ने आठवां रैंक पाया। कार्तिकेय ने कहा कि शुरूआती दौर में मिली विफलताओं से हतोत्साहित न होकर और जोश के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, तभी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। 2021 में  संयुक्त प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद आबकारी अधीक्षक के पद पर सेवारत थे। वे अब जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बने हैं। कार्तिकेय ने दयानंद पब्लिक स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि उनके सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पिता गोपाल शर्मा से उन्हें प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला। शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक के पद पर सेवारत माता सुरेंद्रा शर्मा ने भी मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक साल की कोचिंग ली, उसके बाद पढ़ाई को नियमित रूप से समय दिया और पढ़ाई जारी रखी। 
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छुमान गांव के गिरीश नड्डा - फोटो : संवाद
असफलता को स्वीकारें, तभी मिलेगी सफलता : गिरीश
 बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गूगा गेहड़वी के काहली (छुमान) गांव के गिरीश नड्डा ने वर्ष 2020 की एचएएस की परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गिरीश नड्डा वर्तमान में पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड रिकांगपिओ में सहायक अभियंता के पद पर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 12 दिसंबर 1995 को जन्मे गिरीश नड्डा ने दसवीं कक्षा सरस्वती विद्या मंदिर झंडूता से पास की और बारहवीं मिनर्वा स्कूल घुमारवीं और एनआईटी हमीरपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की है। गिरीश नड्डा के पिता लोक निर्माण विभाग झंडूता में कार्य निरीक्षक, माता गृहिणी हैं। गिरीश नड्डा ने कहा कि असफलताओं को स्वीकार कर गंभीरता से लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा कर सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। गिरीश नड्डा सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं के पद पर अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। 
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नालागढ़ के अभिषेक शर्मा - फोटो : संवाद
मेहनत के आते हैं बेहतर परिणाम : अभिषेक
नालागढ़ के अभिषेक शर्मा ने एचएएस की परीक्षा पास की है। उन्होंने परीक्षा में 9वां रैंक हासिल किया है और उन्हें बीडीओ का पद मिला है। अभिषेक शर्मा नालागढ़ के पंजहेरा के समीप मलपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता जगत राम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल राजपुरा में राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता के पद पर तैनात हैं। जबकि उनकी माता निकुवाल प्राथमिक स्कूल में जेबीटी अध्यापक हैं। अभिषेक ने कहा कि अगर किसी काम को मेहनत से किया जाए तो उसके बेहतर परिणाम सामने आ ही जाते हैं। अभिषेक शर्मा का शुरू से ही प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना था। उन्होंने जेपी विवि वाकनाघाट से बीटेक किया। उनका कहना है कि एचएएस की परीक्षा पास करना काफी मुश्किल था। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई भी जारी रखी। उन्होंने एचएएस की परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी भी वह अपने रैंक से संतुष्ट नहीं हैं और अगले वर्ष भी वह दोबारा परीक्षा में बैठेंगे।
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विपिन कुमार ठाकुर - फोटो : संवाद
दुकानदार का बेटा बना एचएएस अफसर
 हमीरपुर के 28 वर्षीय विपिन कुमार ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। एचएएस की परीक्षा में उन्होंने चौथा रैंक हासिल किया है। विपिन कुमार ठाकुर पुत्र सरवन सिंह ठाकुर सुजानपुर की ग्राम पंचायत भलाणा के गांव री के रहने वाले हैं।  उनके पिता सरवन सिंह टौणीदेवी बाजार में दुकान करते हैं। विपिन कुमार ने दसवीं और बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय डुंगरी हमीरपुर से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी) हमीरपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में बीटेक की डिग्री हासिल की। वह वर्तमान में बंगलूरू में एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। कोविड-19 लॉकडाउन के कारण वह घर से सेवाएं देते रहे और साथ में अपनी एचएएस की परीक्षा की तैयारी में भी जुटे रहे। एचएएस की परीक्षा में यह उनका दूसरा अवसर था। उन्होंने कहा कि युवा नशे और समय की बर्बादी को छोड़ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करें तो कामयाबी अवश्य मिलती है। 

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खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के पद पर तैनात दीक्षित राणा - फोटो : संवाद
सरकारी योजनाओं को आम आदमी तक पहुंचाऊंगा: दीक्षित
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के पद पर तैनात दीक्षित राणा ने इस बार एचएएस की परीक्षा पास कर मेरिट में स्थान पाया है। दीक्षित राणा को मेरिट में तीसरा स्थान मिला है। इससे पहले साल 2021 में एचएएस अलाइड सर्विस के माध्यम से जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बने। सैनिक स्कूल से जमा दो करने के बाद दीक्षित राणा ने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। सफलता हासिल करने के बाद दीक्षित राणा ने कहा कि एचएएस के पद पर रहते हुए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को गरीब लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी। इसका परिणाम सामने आया है।

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मौखर के उमेश्वर राणा - फोटो : संवाद
सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कमांडर बने एचएएस अफसर
 फतेहपुर की पंचायत बगडोली हौरी देवी के गांव मौखर के युवा उमेश्वर राणा ने एचएएस परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उमेश्वर इससे पहले भारतीय नौ सेना में बतौर लेफ्टिनेंट कमांडर के पद पर 12 वर्ष सेवाएं देने के बाद बीते वर्ष ही सेवानिवृत्त हुए थे। प्रदेश प्रशासनिक सेवाओं के प्रति आकर्षण के चलते सेवानिवृत्त के बाद उन्होंने तैयारी शुरू कर दी। एचएएस परीक्षा के अपने प्रथम ही प्रयास में डीएसपी रैंक हासिल कर क्षेत्र के साथ-साथ अपने माता-पिता का नाम ऊंचा किया है। वह दिन में पांच से छह घंटे की पढ़ाई करते थे। उमेश्वर राणा के पिता ओंकार राणा ने भी भारतीय सेना में सेवाएं दी हैं। बड़े भाई योजेश्वर राणा भी मौजूदा समय में भारतीय सेना में मेजर पद पर सेवारत हैं। 
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जोगिंद्रनगर के चिराग शर्मा - फोटो : संवाद
तीसरा प्रयास लाया रंग, चिराग ने पूरा किया सपना
 हिमाचल प्रदेश लोक सेवा प्रशासन की परीक्षा में जोगिंद्रनगर के चिराग शर्मा ने तीसरे प्रयास में प्रदेश भर में पांचवां स्थान हासिल किया। 2019 में एचएएस की परीक्षा में टापर रहे चिराग शर्मा साक्षात्कार में पीछे रह गए थे। 2021 में भी साक्षात्कार में पिछड़ गए और अब लोक सेवा प्रशासन की परीक्षा में प्रदेश भर में पांचवां स्थान हासिल कर अपना सपना साकार कर दिया है। इनके पिता हेमराज सरकारी ठेकेदार हैं और माता रक्षा देवी गृहिणी हैं। चिराग ने बताया कि अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। वर्तमान में चिराग जिला कांगड़ा के बैजनाथ में राज्य कर विभाग में निरीक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
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