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HP Cloud Burst: एक ही रात 17 जगह बादल फटे; सात की मौत, 16 लापता , तस्वीरों में देखें तबाही

Tue, 01 Jul 2025 08:38 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/मंडी/हमीरपुर/धर्मशाला

सार

प्रदेश में जगह-जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। प्रदेश में बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है। 
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बादल फटने से हुई तबाही। - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात 17 जगह बादल फटे हैं। इसमें मंडी जिले में 15 और कुल्लू और किन्नौर जिले में एक-एक जगह बादल फटा है। मंडी जिले में बारिश, बादल फटने और ब्यास नदी व नालों के रौद्र रूप से भारी तबाही मची है। मंडी में पांच समेत पूरे प्रदेश में 7 लोगों की जान चली गई है। 16 लोग अभी लापता हैं। छह लोग घायल भी हुए हैं। 332 लोगों को जगह-जगह से रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है। अकेले मंडी जिले में 24 घर और 12 गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं। 30 पशुओं की मौत हो गई है। कुकलाह के समीप पटीकरी प्रोजेक्ट बह गया है। एक पुल ध्वस्त हो गया है। 


उधर, सोमवार रात ब्यास नदी का पानी मंडी शहर में घुसने से रातभर आसपास के लोगों में अफरातफरी मची रही। जल भराव के कारण ही पंडोह बाजार को खाली करवाना पड़ा। उधर, कुल्लू के आनी बैहना के पास कारशा नाले में बादल फटने से एनएच पूरी तरह बंद हो गया है। किन्नौर के सांगला तहसील के खरोगला गांव से पार जंगल में भी बादल फटा है। एनडीआरएफ ने लापता लोगों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, चंबा में धुंध के चलते सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई है जबकि कांगड़ा में ब्यास पुल नादौन के पास पंचायत घुरकाल के नजदीक निर्माणाधीन पुल के नीचे एक महिला का शव बरामद हुआ है। शाहपुर में निर्माणाधीन फोरलेन के कार्य के चलते बारिश का पानी और मलबा लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया था।
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बादल फटने से तबाही। - फोटो : संवाद
सात लोग सैलाब में बह गए
गोहर उपमंडल के स्यांज में सोमवार रात नौ लोगों के साथ दो घर बह गए। इनका फिलहाल कोई सुराग नहीं लगा है। बाड़ा में एक घर के ढहने से छह लोग दब गए। इनमें से चार को रेस्क्यू कर लिया गया जबकि दो शव बरामद हुए हैं। टिकरी प्रोजेक्ट से करीब दो दर्जन लोग रेस्क्यू किए गए हैं। गोहर के ही बस्सी में फंसे हुए दो लोगों को रेस्क्यू किया गया जबकि परवाड़ा में मकान बहने के कारण एक ही परिवार के दो सदस्य गायब हैं जबकि एक का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, बच्ची सुरक्षित है। केलोधार में घर ढहने के कारण फंसे आठ लोगों को रेस्क्यू किया गया।

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व्यास नदी उफान पर। - फोटो : संवाद
आठ घर बाढ़ के चलते बह गए
थुनाग उपमंडल में कुकलाह में करीब आठ घर बाढ़ के चलते बह गए। लस्सी मोड़ में एक कार बह गई। रैल चौक में करीब चार मवेशी बह गए। पटिकरी में 16 मेगावाट का एक पावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ में बह गया। इसका नामोनिशान तक नहीं रहा। करसोग उपमंडल के कुट्टी नाला में सोमवार रात नदी किनारे सात लोग फंस गए। इन्हें एनडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित बचाया। इसके अलावा एक घायल को भी रेस्क्यू किया। पुराना बाजार करसोग नेगली पुल में बाढ़ के बाद चार लोग लापता चल रहे हैं जबकि एक शव बरामद कर लिया गया है। यहां छह घरों को नुकसान पहुंचा है। करसोग इमला खड्ड में रिक्की गांव से सात लोगों को सुरक्षित बचाया गया। करसोग बाईपास से भी सात लोग रेस्क्यू किए गए। करसोग कॉलेज से 12 छात्रों और चार महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। बाढ़ के चलते इन सभी जगहों में हालात बिगड़ गए थे।

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व्यास का जलस्तर से पानी की जद में घर - फोटो : संवाद
सुजानपुर में जलभराव होने से फंसे 51 लोग किए रेस्क्यू
हमीरपुर जिले के सुजानपुर उपमंडल के बल्लह गांव में ब्यास नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जलभराव होने से 51 लोग फंस गए, जिन्हें पांच घंटे बाद रेस्क्यू किया गया। औद्योगिक क्षेत्र नादौन में जलभराव हुआ है। हमीरपुर मंडी निर्माणाधीन एनएच समेत कई सड़कें बाधित हैं। हमीरपुर शहर सहित जिले में ब्यास नदी और अन्य खड्डों से संचालित सैकड़ों पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से ब्लैकआउट हो गया है।

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मंडी में तबाही। - फोटो : संवाद
मंडी में कहां-कहां फटे बादल
करसोग के रिक्की, कुट्टी, ओल्ड बाजार, गोहर के स्यांज, बाड़ा, बस्सी, परवाड़ा, तलवाड़ा, कैलोधार, धर्मपुर के त्रियंबला, भडराना, थुनाग के कुटाह, लस्सी मोड़, रेल चौक, पट्टीकारी।धर्मपुर उपमंडल के स्याठी गांव में बादल फटने की घटना के बाद दो घर और पांच गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। जोगिंद्रनगर उपमंडल में नेरी कोटला में एक अज्ञात शव बरामद हुआ है। सदर उपमंडल में मंडी शहर में पैलेस कॉलोनी, टारना और डाइट मंडी में जलभराव व भारी बारिश के चलते 56 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
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सड़क बंद। - फोटो : संवाद
मंडी के रघुनाथ का पधर में 12 लोगों को सुरक्षित बचाया
बिथल किंगल के बीच कई स्थानों पर सड़क अवरुद्ध है। जल शक्ति उपमंडल ठियोग के अंतर्गत विभिन्न खड्डों-नालों में भारी गाद आने के कारण सभी लिफ्ट जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं। सैंज-लुहरी रोड पर अतुल पेट्रोल पंप के पास भूस्खलन हुआ है।  मंडी जिले के रघुनाथ का पधर में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में फंसे 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। चार घर में रह रहे लोगों को देर रात सदर पुलिस ने रेस्क्यू किया। जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे परिवारों को कड़ी मशक्कत से बचाया।

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गाड़ियों पर गिरा पेड़। - फोटो : संवाद
कुल्लू में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
 सोमवार रात हो रही बारिश के बाद कुल्लू जिला में नदी-नाले भी उफान पर हैं। इसके साथ ही पुलगा डैम व अन्य बांधों से भी पानी छोड़ा जा रहा है।  प्रशासन की ओर से लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है। वहीं शिमला के समरहिल में आर्मी कॉलोनी में गाड़ियों पर पेड़ गिर गया। 
 

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करसोग में बादल फटने से तबाही। - फोटो : संवाद
प्रदेश में पांच दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट, संधोल में सबसे ज्यादा 223.6 मिलीमीटर बारिश
प्रदेश के कई भागों में पांच दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 1,2, और 5 से 7 जुलाई तक राज्य के कई भागों में भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। 3 व 4 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट है। वहीं बीती रात को संधोल 223.6, मंडी 216.8, पंडोह में 215.0, बिजाही 196.0, करसोग 160.2, पालमपुर 143.0, चौपाल 139.8, गोहर 125.0, बग्गी 88.8, कोटखाई 83.1, नेरी 77.0, कांगड़ा 73.3, सुजानपुर टिहरा 69.0, नारकंडा 67.5, नादौन 66.0 व कुफरी में 65.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। आज अगले तीन घंटों में बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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बादल फटने के बाद धर्मपुर के स्याठी गांव में तबाही का मंजर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हिमाचल में 406 सड़कें, 171 पानी की स्कीमें ठप
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते 406 सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई हैं। 171 पानी की स्कीमें पूरी तरह से ठप हो गई हैं। जिला मंडी में सबसे ज्यादा 248 सड़कें, कांगड़ा में 55, कुल्लू में 37, शिमला में 32, सिरमौर में 21, चंबा में 6, हमीरपुर, ऊना में 4 सोलन में 2, हमीरपुर और किन्नौर में एक-एक सड़क बंद है। हिमाचल में 1515 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट है।
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