इसके सेवन से गठिया, अस्थमा, खांसी, हाई ब्लड शुगर और हाई कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारियों से निजात मिलेगी। इस तकनीक से बाजार में न बिकने योग्य खराब क्वालिटी के सेब से भी सिरका तैयार किया जा सकेगा। इससे बागवानों की आर्थिकी भी सुधरेगी। सेब के इस सिरके की मांग देश भर में कई गुना बढ़ गई है।