हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात को हुई भारी बारिश ने कहर बरपाया है। प्रदेश में बुधवार शाम तक 82 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। कुल्लू में 49, चंबा में 16, मंडी में नौ, कांगड़ा में तीन, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में एक-एक सड़क बंद रही। 13 बिजली ट्रांसफार्मर और 10 पेयजल योजनाएं भी प्रदेश भर में बंद रहीं। कुल्लू में 11, किन्नौर-चंबा में एक-एक बिजली ट्रांसफार्मर और चंबा में नौ तथा लाहौल-स्पीति में एक पेयजल योजना बंद रही। बुधवार को 18 मकान और सात गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। गुरुवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने के आसार है।
बुधवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला में मंगलवार देररात भारी बारिश हुई। शहर में 58 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। शहर के सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास भूस्खलन होने से दो गाड़ियां दब गईं। अपर शिमला में बारिश से 20 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं शिमला-मंडी हाईवे पर बंगोरा के पास भूस्खलन से कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। चंबा-खज्जियार मार्ग पर 14 घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। मियाड़ी गला के पास भूस्खलन होने से पहाड़ी दरक गई। इससे टनों के हिसाब से मलबा सड़क पर गिर गया। इसके साथ ही दर्जनों देवदार के पेड़ भी धराशायी हो गए।