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Himachal Weather: बर्फबारी के बाद मौसम खुला पर दुश्वारियां बढ़ीं, 720 सड़कें और 2243 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

Fri, 02 Feb 2024 07:08 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला शिमला/कुल्लू/चंबा
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लाहौल घाटी। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में तीन दिन बारिश-बर्फबारी के बाद शुक्रवार को मौसम तो खुल गया, लेकिन दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक चार नेशनल हाईवे व 720 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इसके अतिरिक्त 2,243 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। इससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट हो गया है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बर्फबारी के बाद कई इलाकों में पानी की पाइपलाइन जमने से पेयजल का संकट गहरा गया है। नए साल ही पहली बर्फबारी के बाद शिमला शहर के सर्कुलर रोड सहित उपनगरों की सड़कों पर बर्फ जमने से शुक्रवार बसों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही ठप रही।

लोग पैदल ही गिरते-फिसलते अपने गंतव्य तक पहुंचे। हालांकि, दोपहर तक एनएच-5 मल्याणा से ढली, छराबड़ा, कुफरी-फागू से शिलारू तक बहाल कर दिया गया। इसी तरह एनएच-705 ठियोग से खड़ापत्थर-हाटकोटी तक बहाल हो गया है।  जिला कुल्लू और जनजातीय क्षेत्र लाहौल में भारी बर्फबारी के बाद दुश्वारियां बढ़ गई हैं। लाहौल में लोनिवि की सभी 134 सड़कें बंद हैं। जबकि कुल्लू में भी एचआरटीसी के 100 से ज्यादा बस रूट प्रभावित हैं। ऐसे में लोगों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।  वहीं, बिजली के करीब भी करीब 700 ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी है।  वहीं, बर्फबारी से किसान-बागवानों के साथ पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं।

एचआरटीसी के 654 रूट ठप, 136 बसें फंसीं
 शुक्रवार रात हुई बर्फबारी के बाद शुक्रवार को प्रदेशभर में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के करीब 654 रूट ठप रहे। निगम की करीब 136 बसें रास्तों में फंसीं हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी ने वैकल्पिक मार्गों से बसों का संचालन किया। शिमला, कुल्लू, किन्नौर, मंडी और लाहौल-स्पीति जिले में सबसे अधिक रूट प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर भारी फिसलन के चलते निगम ने कुछ रूटों पर रात्रि बस सेवाएं स्थगित कर दी हैं। 
 
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लाहौल में सड़कों की बहाली। - फोटो : संवाद
रोहतांग दर्रा में छह फीट बर्फ
रोहतांग दर्रा में छह फीट बर्फ दर्ज की गई है। जबकि अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में साढ़े चार, नोर्थ पोर्टल में डेढ़, सोलंगनाला में तीन, जलोड़ी दर्रा में तीन और केलांग में एक फीट बर्फ दर्ज की गई है। वहीं, जिला कुल्लू के निचले इलाकों तक आधा फीट बर्फ हुई है। चंबा-जोत मार्ग पर लोक निर्माण विभाग बहाली का कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह मार्ग पर अत्यधिक बर्फबारी के चलते लोग पैदल ही आवाजाही करते नजर आए। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शैलेश कुमार ने बताया कि विभागीय मशीनरी मार्ग को बहाल करने में जुट गई है। जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवा दिया जाएगा।
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बर्फ से ढकी सड़क। - फोटो : संवाद
बर्फबारी के बाद चुराह की सड़कें बंद, बहाली कार्य शुरू
चंबा जिले के चुराह उपमंडल के चांजू, चरड़ा, भंजराडू, तीसा, सनवाल, बैरागढ़, देवीकोठी, बिहाली, भराड़ा, हिमगिरि, आयल, जसौरगढ़, दियोला, झाज्जकोठी, सेईकोठी- बगेईगढ क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है।  बर्फबारी के बाद से चुराह की सभी सड़कें बंद हो चुकी हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड में लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालांकि, शुक्रवार की सुबह धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम खुलते ही लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सुबह से बर्फबारी हटाने में जुट गई है। चुराह में तीसा- बैरागढ़, देवीकोठी-टेपा, तरेला-गुईला, तरेला-जुनास, तरेला-बौदेडी-मंगली, नकरोड़-भराड़ा, नकरोड़-चांजू, तीसा-सनवाल,भंजराडू- चनवास, नकरोड़-आयल, हिमगिरि-आयल, जसौरगढ-दियोला, शिकारी मोड़, गनेड़, बिहाली, शिकारी मोड़, नेरा, मांडका, नकरोड़-थल्ली मार्ग बर्फबारी से बंद पड़े हुए हैं। साथ ही क्षेत्र में 100 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हुए हैं।

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बर्फ में फंसी गाड़ियां। - फोटो : संवाद
बनीखेत में फंसी रहीं गाड़ियां
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर फिसलन के कारण गाड़ियां बनीखेत में ही फंस गईं।  शुक्रवार सुबह जिला मुख्यालय से बाहरी जिलों के लिए जाने वाली दर्जन भर बसें, मालवाहक वाहन समेत सैकड़ों छोटे वाहन हाईवे में फंसे रहे। फिसलन के कारण हाईवे पर दैनिक उपयोग से संबंधित सामान की गाड़ियां भी जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाईं। बहरहाल, अब हाईवे प्रबंधन से ही इस समस्या के समाधान की उम्मीद है। जिला में बर्फबारी के चलते गुरुवार देर रात भरमौर-पठानकोट हाईवे पर यातायात व्यवस्था ठप पड़ गया था। हाईवे पर फिसलन के चलते चालकों ने भी हाईवे पर आवाजाही करने का रिस्क नहीं उठाया। वहीं, शुक्रवार सुबह भी बनीखेत के पास सैकड़ों छोटे और बड़े वाहन फिसलन अधिक होने के चलते फंसे रहे। 
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शिमला में शीशा बनीं सड़कें। - फोटो : अमर उजाला
शिमला में बर्फ जमने से शीशा बनीं सड़कें
बर्फबारी के बाद शिमला खलीनी से टॉलैंड, छोटा शिमला, हिमलैंड, लिफ्ट मार्ग व लक्कड़ बाजार सड़क बर्फ जमने से शीशा बन गई। इस कारण वाहनों की आवाजाही ठप रही है। लोग धक्का लगाकर गाड़ियों को निकालने का प्रयास करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। सड़क पर जगह-जगह गाड़ियां फंसी रहीं। फिसलन इतनी ज्यादा है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं।  राजधानी में दूध, ब्रेड व अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति नहीं पहुंच सकी। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 
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सड़कों पर फिसलन। - फोटो : अमर उजाला
सुबह एनएच 205 पर लगा जाम
वहीं, सुबह एनएच 205 पर बनूटी से आगे शिमला के ट्रैफिक बंद हो गया। इससे निचले हिमाचल के आठ जिलों से राजधानी के लिए  संपर्क कटा  रहा। गुरुवार रात से ढांडा से आगे घनाहट्टी की ओर कई बसें, ट्रक, छोटे वाहन फंसे हुए हैं। रात को गिरी बर्फ से वाहनों के पहिए थम गए हैं। बनूटी-हीरानगर से आगे शिमला की ओर सड़क बंद है। इसके दोपहर तक खुलने की संभावनाएं हैं। रेलवे स्टेशन से आरटीओ तक लंबा जाम लग गया। 
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धूप खिलने से चांदी की तरह चमकीं वादियां। - फोटो : संवाद
तीन दिनों के लिए फिर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के कई भागों के लिए फिर बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 3 फरवरी को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। इसके प्रभाव से 5 फरवरी तक मैदानी मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर, लाहौल-स्पीति सहित चंबा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जिले के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। विभाग ने येलो अलर्ट जारी हुआ है। 6 फरवरी को उच्च पर्वतीय एक-दो स्थानों पर बारिश-बर्फबारी हो सकती है। 7 फरवरी से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं। 

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सड़क बहाली का कार्य। - फोटो : संवाद
शिमला का न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। औसत न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किए गए।  शिमला में न्यूनतम तापमान -0.6, संदरनगर 2.0 , भुंतर 0.5, कल्पा -7.0, धर्मशाला 2.2 , ऊना 3.3, नाहन 4.7, पालमपुर 1.5 , सोलन 1.5, मनाली -6.1, कांगड़ा 3.5, मंडी 2.2, बिलासपुर 4.2, हमीरपुर 2.6, डलहौजी -3.1, जुब्बड़हट्टी 0.5., कुफरी -5.9 ,कुकुमसेरी -13.8,  नारकंडा -6.1, रिकांगपिओ -2.7, सेऊबाग 0.5, धौलाकुआं 6.8, बरठीं 2.6, समदो -5.4, पांवटा साहिब 8.0, सराहन 0.0 और देहरागोपीपुर में 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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लाहौल घाटी। - फोटो : संवाद
24 घंटों के दौरान कहां कितनी बर्फबारी
स्थान      बर्फबारी(सेंटीमीटर में)
शिलारू      42.6
खदराला     35
चौपाल      20
केलांग      15
गोंदला      17.5
कुकुमसेरी  14
मनाली     30
भरमौर     25
सलूणी     21 
छतराड़ी   10
कल्पा       8
पूह           2
रिकांगपिओ 8
कोठी       35
सराहन  10.5

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सड़क से बर्फ हटाती बीआरओ की मशीन। - फोटो : संवाद
उदयपुर से अटल टनल रोहतांग नार्थ पोर्टल तक सड़क फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल
सीमा सड़क संगठन की 94 आरसीसी ने उदयपुर से अटल टनल रोहतांग के नार्थ पोर्टल तक सड़क को सिंगल लेन फोर बाई फोर वाहनों के लिए  शुक्रवार दोपहर को बहाल कर दिया है।  संगठन ने इस मार्ग की बहाली में उदयपुर से अटल टनल रोहतांग के नार्थ पोर्टल तक छह मशीनें तैनात की हैं। इस बर्फ हटाओ अभियान में 94 के कनिष्ठ अभियंता शुभम सिंह और विनय कुमार मोर्चा संभाले हुए थे।  वहीं, तीन दर्जन से अधिक मजदूर फिसलन वाली जगहों पर बर्फ काटने के साथ मिट्टी फेंककर सड़क को ठीक करने में जुटे रहे। मंगलवार शाम को हुई बर्फबारी के बाद लाहौल का कुल्लू से संपर्क कट गया थ। लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद सीमा सड़क संगठन की 94 आरसीसी ने उदयपुर से अटल टनल रोहतांग के नार्थ पोर्टल तक सड़क फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल कर दी।  बर्फबारी से घाटी में पर्यटक नार्थ पोर्टल तक सड़क खुलने से राहत महसूस करने लगे हैं। सीमा सड़क संगठन ने उदयपुर से अटल टनल रोहतांग के नार्थ पोर्टल तक सड़क बहाली में उदयपुर, कारगा और सिस्सू तीन सेक्टर में काम किया।
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वोह घाटी - फोटो : संवाद
वोह घाटी ने ओढ़ी बर्फ की चादर
कांगड़ा जिले के शाहपुर की वोह घाटी ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। क्षेत्र के पर्यटन की संभावनाएं बढ़ गई है। उधर, धौलाधार की गोद में बसे धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ और शाहपुर का सल्ली और बोह दरीणी के ऊपरी क्षेत्र में गुरुवार को जमकर बर्फबारी हुई। पर्यटन नगरी के नड्डी, मैक्लोडंगज और डल झील सहित अन्य क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, धर्मशाला के कोतवाली बाजार और कहचरी अड्डा की सड़कें भी भारी ओलावृष्टि से सफेद हो गईं।
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