कांगड़ा के मुल्थान के भुज्लिंग में बादल फटने से 20 बीघा जमीन पर उगाई गई नगदी फसलें गोभी, मूली, धनिया आदि बर्बाद हो गईं। वहीं, कुल्लू के मणिकर्ण के तोश नाले में भी दोपहर बाद बादल फटने से एक पुल बह गया। भारी बारिश से ब्यास नदी में आई बाढ़ से मनाली के बाहंग में 30 मकान खाली करवाने पड़े। ऊना के अंबोटा में 11 साल के बालक को नाले में बहने से बचा लिया गया। रविवार को राजधानी शिमला सहित कांगड़ा, कुल्लू, धर्मशाला, बिलासपुर, नाहन और मंडी में झमाझम बादल बरसे।