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Himachal Weather: हिमाचल में बारिश का कहर जारी, 107 सड़कें ठप, तीन की मौत, तस्वीरों में देखें तबाही

Wed, 24 Aug 2022 09:54 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/मंडी/चंबा/कांगड़ा/कुल्लू/सिरमौर
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हिमाचल में बारिश का कहर। - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच बीती रात से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। रोहतांग दर्रा के साथ लाहौल के ऊंचाई वाले भागों में बर्फ के फाहे गिरे हैं। राजधानी शिमला सहित कई अन्य भागों में बुधवार को झमाझम बारिश हुई। बुधवार शाम तक प्रदेश में 107 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। 227 बिजली ट्रांसफार्मर और 44 पेयजल योजनाएं भी बंद हैं। 43 मकान, 23 गोशालाएं और 54 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुईं। मंडी और कुल्लू जिले में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। मंडी के करसोग में नाले में गिरने और नाहन में मारकंडा नदी में बहने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, धर्मशाला के साथ लगती मनूनी खड्ड में एक युवक की बहने से मौत हो गई है। गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं।

कुल्लू जिले में 43, चंबा 22, मंडी 20, शिमला नौ, सिरमौर आठ, सोलन तीन और कांगड़ा में दो सड़कें बंद रहीं। जिला सिरमौर में 165, मंडी 30, चंबा 22, कुल्लू-शिमला में पांच-पांच बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। जिला चंबा में 44 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। इसके अलावा बुधवार को मंडी में 35, चंबा में तीन, कांगड़ा-शिमला-सिरमौर और ऊना में एक-एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ। मंडी में 10, चंबा में चार, हमीरपुर में तीन, कांगड़ा-बिलासपुर में दो-दो और कुल्लू-सिरमौर में एक-एक गोशाला क्षतिग्रस्त हुई। मंडी में 53 और सिरमौर में एक दुकान भी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई है। प्रदेश में जारी बरसात से मानसून सीजन के दौरान अभी तक 1,36,733 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।

इन जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा
भारी बारिश के चलते नदी-नालों में जल स्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ आने का खतरा जताया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन, किन्नौर व सिरमौर के कई भागों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। 
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भूस्खलन से तबाही। - फोटो : संवाद
चौहार घाटी में तबाही, जान जोखिम में डाल स्कूल पहुंचे बच्चे 
मंडी जिला की चौहारघाटी में मूसलाधार बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। फियुंनगलू-धरमेहड़-सुधार और सिल्हबुधानी मार्ग बाधित हो गया है। सिल्हबुधानी पंचायत के कुंगड़ गांव के विद्यार्थी भूस्खलन के चलते बंद हुए रास्ते को जान जोखिम में पार कर सुधार स्कूल पहुंच रहे हैं। करसेहड़ के पास सड़क धंसने से कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। जीप के साथ रस्सी से बांधकर वाहन निकाले गए हैं। करसोग उपमंडल में मंगलवार देर रात सेब सीजन लगाकर घर लौट रहे व्यक्ति की नाले में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गोपाल सिंह (47) पुत्र अमर सिंह गांव नगलोग डाकघर चोरिधार करसोग के रूप में हुई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। 


 
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भूस्खलन से गाड़ियां क्षतिग्रस्त। - फोटो : संवाद
 करसेहड़ के पास सड़क धंसने से कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। जीप के साथ रस्सी से बांधकर वाहन निकाले गए हैं। सिल्हबुधानी ग्रामण सड़क में पेड़ गिरने से एक टिपर को नुकसान हुआ है। दगवाण नाला के पास पहाड़ी से भूस्खलन और चट्टानें गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। यहां दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। 

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स्कूल पर गिरीं चट्टानें। - फोटो : संवाद
भूस्खलन से राजकीय माध्यमिक पाठशाला तवाराफी के भवन और परिसर को भारी नुकसान हुआ है। गनीमत यह रही कि जिस दिन मूसलाधार बारिश हुई उस दिन कोई भी विद्यार्थी स्कूल में नहीं था और अनहोनी होने से बच गई। भूस्खलन से स्कूल मैदान के सामने लगभग 50 मीटर पहाड़ी के ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर स्कूल परिसर तक पहुंच गए। एक बड़े पत्थर ने स्कूल की दूसरी मंजिल की दीवार को तोड़ दिया। इससे स्कूल की रेलिंग, लेंटर को क्षति हुई है, जबकि पत्थरों से स्कूल मैदान का डंगा और दीवार तहस-नहस हो गई है। नुकसान की सूचना मिलने पर प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूल पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया। 
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मढ़ी नाले का पुल बहा - फोटो : अमर उजाला
चंबा में भारी बारिश ने बरपाया कहर
वहीं, चंबा जिले में सलूणी, चुराह उपमंडल में भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। जलस्तर बढ़ने से सलूणी हिमगिरि सड़क (शुक्राह) पर मढ़ी नाला पर बना पुल बह गया है। इससे  सलूणी- हिमगिरी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। ग्राम पंचायत (कुठेड बुधोड़ा) के गांव प्रितमास में भारी बारिश से मक्की की फसल बरबाद हो गई है। 
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मनाली में भूस्खलन। - फोटो : संवाद
कुल्लू जिले में भी कई सड़कें ठप,
 कुल्लू जिले में तीन दिन मौसम साफ रहने के बाद रात को जमकर बादल बरसे हैं।  जिले में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ। बागवानों को सेब तुड़ान करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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लाहौल की ऊंची चोटियों पर गिरे फाहे। - फोटो : संवाद
रोहतांग दर्रा के साथ जनजातीय जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ के फाहे गिरे हैं। इससे तापमान में एकाएक गिरावट दर्ज की गई। इससे ऊंचाई वाले भागों में ठंडक बढ़ गई है।

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भूस्खलन - फोटो : संवाद
सिरमौर जिले में भी भारी बारिश से  कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। भूस्खलन से लाना-पालर-संगड़ाह मार्ग डूंगी गांव के समीप पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। वहीं पांवटा-साहिब-शिलाई एनएच-707 पर कमरऊ के समीप खजियार में बंद होने से वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ है।

 

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हाईवे बाधित - फोटो : संवाद
जिला मुख्यालय नाहन के समीप मारकंडा नदी में डूबने से एक 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने युवक का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। बताया जा रहा है कि मंगल सिंह पुत्र मदनलाल निवासी गांव रुखड़ी मारकंडा नदी पार कर रहा था। इसी बीच वह पानी में तेज बहाव की चपेट में आने से डूब गया। उधर, बिलासपुर में सीर खड्ड का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, शिमला में एक कार नाले में बह गई।

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दुकान ध्वस्त। - फोटो : संवाद
कांगड़ा जिले के लंबागांव खंड के अंतर्गत आने वाले गांव हलेड़ में भारी बारिश के चलते हलेड़ खड्ड का जल स्तर बढ़ गया और पानी व मलबा दुकानों, घरों में घुस गया।  एक दुकान भी ध्वस्त हो गई। लोग रात भर बचाव कार्य में लगे रहे। हालांकि रात को ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। लेकिन लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए। लोगों ने बुधवार सुबह 9:30 बजे के करीब दुकानों से सामान सड़क के बीचोंबीच रख कर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि जब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं होता तब तक सड़क को बंद रखा जाएगा।  सूचना मिलते ही विधायक रविंद्र रवि सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। 

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मनाली में हाईवे पर आया मलबा। - फोटो : संवाद
मनाली में भारी बारिश से हाईवे पर पहुंचा मलबा
 पर्यटन नगरी मनाली में  रात को हुई भारी बारिश के कारण भजोगी और सियाल नाला उफान पर आ गए। इससे  मनाली के प्रवेश द्वार पर वोल्वो बस स्टैंड के समीप बड़ी मात्रा में मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया। इस वजह से नेशनल हाइवे घंटों तक यातायात के लिए ठप रहा।  एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि यातायात बहाल कर दिया गया है।

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घरों की छतों पर गिरे पेड़। - फोटो : संवाद
वहीं, अंधड़ से कांगड़ा जिले के खैरा व आसपास भागों में पेड़ गिरने से काफी नुकसान हुआ है। करीब आधा घंटा चले अंधड़ से कई पेड़ घरों की छतों पर तो कई भवनों पर गिर गए। कई घरों की छतें भी उखड़ीं, पानी की टंकियों सहित अन्य सामान दूर जाकर गिरा। पंचायत घर खैरा की छत तूफान से उड़कर विश्राम गृह परिसर में गिर गई। वहीं, वाहे दा पट में राजस्व विभाग के कार्यालय की छत पर भी स्वास्थ्य विभाग परिसर से एक विशाल पेड़ गिर गया। ग्रामीण राजस्व अधिकारी मीनाक्षी ने बताया की पेड़ गिरा है।  टीका कन्यारखड में सावित्री देवी के घर के छज्जे पर पेड़ गिरने से काफी नुकसान हुआ। कन्यार खड़ में ही पूर्ण चंद  व कुलतार चंद की मक्की की खड़ी फसल भी अंधड़ की भेंट चढ़ गई। आसपास के गांवों में भी कई पेड़ गिरे हैं। पेड़ों के गिरने से जगह-जगह विद्युत विभाग की तारें तथा खंभे टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। 
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दधोल-लदरौर सड़क पर बह गया अस्थायी पुल - फोटो : संवाद

दधोल-लदरौर सड़क पर बह गया अस्थायी पुल
वहीं, बिलासपुर जिले में दधोल-लदरौर सड़क के नवीनीकरण कार्य के चलते लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दौरान नाले का पानी सड़क पर आ गया। इससे अस्थायी तौर बनाई गई पुलियां बह गई। इससे दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। राहगीरों को नाले को पार करने के लिए निर्माण कार्य में लगी जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। जेसीबी के माध्यम से लोगों को बारी-बारी आर-पार करवाया गया। करीब तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रही। 

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